पीएमटी फर्जीवाड़ा: छह संदिग्ध एसटीएफ की हिरासत में

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Thursday, April 03, 2014-10:20 AM

इंदौर: मध्यप्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रवेश के लिये आयोजित प्री-मेडिकल टेस्ट (पीएमटी) में फर्जीवाड़े में शामिल होने के आरोप में पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने तीन विद्यार्थियों और उनके पिताओं को आज हिरासत में लिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अमित कनासे और उसके पिता सत्यम कनासे, रवींद्र खर्ते और उसके पिता मदन खर्ते तथा रिंकी जौहरी और उसके पिता रामप्रकाश जौहरी को पीएमटी फर्जीवाड़े के मामले में हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। ये सभी संदिग्ध नजदीकी देवास जिले से ताल्लुक रखते हैं।

सूत्रों ने बताया कि अमित और रिंकी इंदौर के महात्मा गांधी मेडिकल मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत हैं, जबकि रवींद्र भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहा है। सूत्रों के मुताबिक एसटीएफ को संदेह है कि पीएमटी फर्जीवाड़े को अंजाम देने वाले गिरोहों ने इन सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में तीनों विद्यार्थियों के दाखिले कराये थे। इन दाखिलों के बदले तीनों विद्यार्थियों के पिताओं से कथित तौर पर मोटी रकम वसूली गयी थी।

सूत्रों ने बताया कि पीएमटी फर्जीवाड़े में राज्य के व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) के पूर्व परीक्षा नियंत्रक डॉ. पंकज त्रिवेदी और तीन अन्य अफसरों समेत 30 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों के मुताबिक व्यापमं के चारों अफसरों पर पीएमटी में अलग-अलग तरह से फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोहों से सांठ-गांठ का आरोप है। ये गिरोह उन उम्मीदवारों को चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रवेश दिलवाते थे, जो अपने अवैध दाखिले के बदले उन्हें लाखों रुपये चुकाते थे।


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