सॉरी केजरी! इस बार आप को नो चांस

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Thursday, April 03, 2014-11:32 AM
नई दिल्ली(सुनील पाण्डेय): भ्रष्टाचार से लोगों को निजात दिलाने की लड़ाई लड़ते हुए राजनीति में कदम रखने वाले अरविंद केजरीवाल ने भले ही दिल्ली की सत्ता को त्याग दिया हो लेकिन दिल्ली में तैनात केंद्रीय कर्मचारियों के वह अभी भी पसंदीदा हैं। बावजूद इसके वह केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार देखना चाहते हैं। 
 
महंगाई और भ्रष्टाचार से त्रस्त आम लोगों की तरह सरकारी कर्मचारी भी हैं, जो छठे पे-कमीशन के तहत वेतन ले रहे हैं। हर कर्मचारी में कांग्रेस सरकार के प्रति बेहद गुस्सा है। कुछ कर्मचारी तो कांग्रेस का नाम लेते ही भड़क उठे, जबकि कुछेक कर्मचारियों को भरोसा है कि देश की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी भाजपा जिसके खेवनहार नरेंद्र मोदी बन गए हैं, वही निजात दिला सकते हैं।  
 
 रेल मंत्रालय में उप निदेशक पद पर तैनात हरीश कुमार सालों से कांग्रेस को वोट डालते आ रहे हैं। लेकिन, इस बार के विधानसभा चुनाव में उन्होंने आम आदमी पार्टी को वोट दिया। यह कहते हुए कि एक बार नए को मौका मिलना ही चाहिए, जबकि उनकी पत्नी ने कांग्रेस को वोट दिया। पत्नी भी सरकारी कर्मचारी हैं। उनकी नजर में केजरीवाल आज भी अच्छे नेता हैं लेकिन अभी वह केंद्र में जाने लायक नहीं हैं, लिहाजा वह कहती हैं कि कांग्रेस को हराने वाली पार्टी जो सामने है, उसे वोट देंगे।
 
रेल मंत्रालय में ही इंजीनियरिंग विभाग में कार्यरत आमोद कुमार कहते हैं कि सॉरी अरविंद केजरीवाल, इस बार देश का सवाल है, लिहाजा नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने दीजिए। कृषि मंत्रालय में तैनात अशोक कुमार वैसे तो एक मंत्री के अधीन हैं लेकिन उनकी दिली इच्छा है कि प्रधानमंत्री का ताज नरेंद्र मोदी ही पहनें। शास्त्री भवन में ही रिसैप्शन पर वर्षों से ड्यूटी दे रहे केशव चंद्र रहने वाले तो हिमाचल के हैं लेकिन दिल्ली की राजनीति में अच्छी खासी दिलचस्पी रखते हैं। वह कहते हैं कि कांग्रेस को हटाना बहुत जरूरी हो गया है।
 
शास्त्री भवन में ही ठेके पर कार्यरत करीब आधा दर्जन कर्मचारियों की एक ही राय है कि नरेंद्र मोदी ही देश को बदल सकते हैं। ठेके पर कार्यरत शिवांगी कहती हैं कि उन्हें 12 हजार महीने वेतन पर रखा गया है लेकिन मिलते सिर्फ 6 हजार रुपए हैं, जबकि दिल्ली की न्यूननतम मजदूरी 8 हजार रुपए प्रति व्यक्ति तय की गई है। उनके साथी राजीव कुमार कहते हैं कि इस कांग्रेस सरकार ने युवाओं के साथ धोखा किया है। लिहाजा, इस सरकार को उखाड़ फैंकना जरूरी है। 
 
परिवहन मंत्रालय में कार्यरत    राकेश कुमार सिंह राजपत्रित अधिकारी हैं। उनकी नजर में केजरीवाल एक अच्छे नेता और शासक के रूप में उभरे हैं, मगर केंद्र की सत्ता के लिए वह मोदी को तवज्जो देते हैं। इसी मंत्रालय में कार्यरत देविना कहती हैं कि इस बार सिर्फ और सिर्फ मोदी ही चाहिए। बता दें कि केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारी भले ही सरकार की सारी सुविधाएं ले रहे हों लेकिन वह कांग्रेस सरकार को कतई देखना नहीं चाहते। वह स्पष्ट कहते हैं कि अगर इस बार गलती हो गई तो देश फिर से गुलामी की ओर पहुंच जाएगा।   

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