राठौड़ को लोकतंत्र के ओलंपिक में पदक पर निशाना लगाने की उम्मीद

  • राठौड़ को लोकतंत्र के ओलंपिक में पदक पर निशाना लगाने की उम्मीद
You Are HereNational
Friday, April 04, 2014-12:57 PM

नई दिल्ली: एथेंस में रजत पदक जीतने के एक दशक बाद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ‘ओलंपिक के लोकतंत्र’ में नई चुनौती का सामना करने को तैयार हैं और उन्हें खेलों में मिली कामयाबी के राजनीति में दोहराव का पूरा यकीन है। कर्नल के पद से सेना छोड़कर राजनीति में उतरे राठौड़ राजस्थान की जयपुर ग्रामीण सीट से भाजपा के प्रत्याशी हैं जहां उनका सामना भीलवाड़ा से मौजूदा सांसद कांग्रेस के सी पी जोशी से है।

राठौड़ ने इंटरव्यू में कहा, ‘‘मैं बिना लाइफ जैकेट के इस गहरे समंदर में कूद गया हूं। मैंने निशानेबाजी में काफी कुछ हासिल किया और अब राजनीति में मेरी स्थिति सेना के सेकेंड लेफ्टिनेंट जैसी है। मैं आस-पास के माहौल को लेकर सजग हूं और सीख रहा हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं अभी नर्सरी में हूं और थोड़े ही समय में मुझे ग्रेजुएट होना है। यह मेरे लिए शार्ट कमांडो कोर्स की तरह है और मुझे सीखने में मजा आ रहा है।’’

राठौड़ चित्तौड़ से लडऩा चाहते थे लेकिन भाजपा ने उन्हें ब्राह्मण और जाट समुदाय की बहुलता वाली जयपुर ग्रामीण सीट से उतारकर सभी को चौंका दिया। राठौड़ का मानना है कि यह अतीत और भविष्य के चुनावी युग का मुकाबला होगा। उन्होंने कहा, ‘‘लोग खासकर युवा इस बार जाति के समीकरणों से ऊपर उठकर मतदान करेंगे। इस संसदीय क्षेत्र में मेरी जाति के अधिक लोग नहीं हैं, लिहाजा भाजपा ने सोच समझकर मुझे यहां से उतारा है।’’


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You