मुझे किसी पद या कुर्सी की कोई लालसा नहीं है: हेमामालिनी

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Saturday, April 05, 2014-5:08 PM

मथुरा: मथुरा से भाजपा की लोकसभा उम्मीदवार इस बार रालोद के सांसद जयंत चौधरी के विरुद्घ चुनाव मैदान में हैं जिनको 2009 के चुनाव में जिताने के लिए उन्होंने यहां के मतदाताओं से अपील की थी। उस समय राष्ट्रीय लोकदल ने भाजपा से कुछ सीटों पर समझौता कर अपने प्रत्याशी उतारे थे, जिनमें से मथुरा सीट भी एक थी। हेमामालिनी का कहना है कि उन्हें ईश्वर ने बहुत कुछ दिया है। पारिवारिक जिम्मेदारियां पूरी करने के बाद वे अपने आराध्य भगवान कृष्ण के निमित्त कुछ करना चाहती थीं। इसलिए मथुरा से चुनाव लडऩा स्वीकार किया है।

हेमामालिनी ने संवाददाताओं से कहा कि उन्हें पद या कुर्सी की कोई लालसा नहीं है। वे तो निपट कृष्ण भक्त हैं। पिछले बीस वर्षों से ब्रज से वृन्दावन आती रही हैं। यहां की दुर्दशा देख दुख होता है। खास तौर पर यमुना का हाल तो किसी भी सामान्य नदी से भी बदतर हो गया है। यहां के कुण्ड, वन-उपवन, प्राचीन धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों के बारे में यहां से दूर बैठे श्रद्घालु जैसी कल्पना करते हैं, जबकि वास्तविकता इसके बिल्कुल उलट नजर आती है। उन्होंने कहा कि यदि सांसद के रूप में उन्हें ब्रज की सेवा का मौका मिला तो वे स्वयं को धन्य समझेंगी। वे ब्रज को उसका प्राचीन वैभव दिलाने का भरसक प्रयास करेंगी। उल्लेखनीय है कि हेमा की छोटी बेटी आहना व दामाद वैभव उनके साथ चुनाव मैदान में डटे हुए हैं और प्रचार में गर्मी आने के साथ ही उनके पति धर्मेंद्र भी बड़ी बेटी ईशा एवं दामाद के साथ यहां पहुंच जाएंगे।


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