अपने-अपने अंदाज में जीत की जुगत

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Monday, April 07, 2014-10:52 AM

नई दिल्ली : दिल्ली के पिछड़े इलाके में गिना जाने वाला उत्तर-पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र में इस बार मुकाबला कांटे का है क्योंकि इस क्षेत्र में अपार जनसुविधाओं की भारी कमी है लेकिन संसद में जनता किसे बैठाएगी यह एकदम कहपाना बहुत ही मुश्किल है।

इस सीट पर कांग्रेस से सांसद रहे जय प्रकाश अग्रवाल दोबारा मैदान में हैं, तो वहीं भाजपा ने पूर्वांचली वोटरों के धुर्वीकरण के लिए भोजपुरी गायक पर भरोसा जताकर मैदान में उतारा है। उधर आम आदमी पार्टी के जाने माने चिंतक आनंद कुमार भी मैदान में हैं। इस सीट के समीकरण फिलहाल भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच जाकर अटक रहे हैं क्योंकि विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को भले ही 10 में से 3 सीटें मिल पाई हों लेकिन क्षेत्र में 21 प्रतिशत अल्पसंख्यकों का रुझान कांग्रेस से हटकर आम आदमी पार्टी की ओर खिसकता हुआ दिखाई दे रहा है।

पर देखना होगा कि चुनाव आते-आते कितने प्रतिशत मुसलमान आम आदमी पार्टी पर भरोसा जताकर उसे वोट करते हैं। अगर 15 फीसदी मुसलमान भी आम आदमी पार्टी की तरफ खिसक लिए तो न केवल कांग्रेस को तगड़ा झटका लगेगा बल्कि भाजपा को इसका जबरदस्त फायदा मिल सकता है क्योंकि भाजपा को मोदी फैक्टर के फायदे के साथ पूर्वांचली वोटर का फायदा मिल गया तो मनोज तिवारी दोनों नेताओं को पछाड़ कर इस रेस के विजेता बन सकते हैं।


अपने वोट बैंक को इक करने में जुटी कांग्रेस
 कांग्रेस के जय प्रकाश अग्रवाल चुनाव में खूब पसीना बहा रहे हैं। भले ही सारे समीकरण अग्रवाल के विरुद्ध बैठ रहे हों लेकिन सभी चीजों को नकार कर जय प्रकाश अग्रवाल कड़ी मेहनत में जुटे हैं। प्रचार के दौरान वह न केवल अपने पुराने वोट बैंक को इक_ा करने में जुटे रहे बल्कि अल्पसंख्यकों को रिझाने के लिए भी अल्पसंख्यक इलाकों में जमकर सभाएं और पदयात्राएं कर रहे हैं। जय प्रकाश अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने जनता के लिए पिछले 5 सालों में बहुत काम किए हैं, जिसके लिए जनता उन्हें फिर क्षेत्र के विकास के लिए मौका देगी।


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