औरंगाबाद नक्सली हमला: 'मेरे छोटे बच्चे हैं, मुझे बचा लो' और शहीद हो गए इंद्रजीत

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Tuesday, April 08, 2014-1:53 PM

औरंगाबाद: लोकसभा चुनावों का सोमवार को असम और त्रिपुरा मेें आगाज हो चुका है और माओवादियों ने हालात अस्थिर करने की कोशिशें भी शुरू कर दी हैं। बिहार के औरंगाबाद जिले के ढिबरा थाना स्थित बरंडा मोड़ के पास माओवादी ने सोमवार दोपहर बारूदी सुरंग के जरिये धमाका किया, जिसमें सीआरपीएफ के तीन जवान शहीद हो गए और 8 घायल हो गए। वहीं शर्मनाक बात यह रही कि डिप्टी कंमाडेंट इंद्रजीत सिंह ने रांची अस्पताल में सही इलाज के अभाव में दम तोड़ा।

 

इंद्रजीत सिंह दर्द से कराहते रहे और गिड़गिड़ाते रहे, 'मेरे शरीर का पूरा खून बह रहा है। मेरे छोटे-छोटे बच्चे हैं। मुझे बचा लो, मैं मर जाऊंगा...'। औरंगाबाद में नक्सलियों द्वारा रखे गए बम डिफ्यूज करने गई टीम में शामिल सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट इंद्रजीत बम फटने से लहूलुहान हो गए थे। वे जख्मी होने के दो घंटे बाद तक औरंगाबाद सदर अस्पताल में तड़पते रहे। लेकिन मदद साढ़े तीन घंटे की देरी से उन तक पहुंची. तब तक उनके शरीर से सारा खून बह चुका था। माओवादियों ने सड़क पर आईईडी लगाया था। लेकिन जवानों को इसका समय रहते पता चल गया था। वे दूसरों की जान बचाने के लिए बम को डिफ्यूज कर रहे थे लेकिन अचानक धमाका हो गया।

 

विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि तीन किलोमीटर दूर तक का इलाका हिल गया। सूत्रों के अनुसार घटनास्थल ढिबरा थाना से 500 मीटर की दूरी पर है। चार जवानों को रांची रिम्स में और चार को मगध मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया गया है।


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