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पिता और दादा जेल में, लोस चुनाव दुष्यंत के लिए अग्नि परीक्षा

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Tuesday, April 08, 2014-4:14 PM

नई दिल्ली: पिता अजय चौटाला और दादा ओम प्रकाश चौटाला के सलाखों के पीछे होने के बीच इंडियन नेशनल लोकदल के हिसार से उम्मीदवार और लारेेंस स्कूल, स्नावर से शिक्षित दुष्यंत चौटाला के लिए इस बार के लोकसभा चुनाव किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं हैं। ऐसी संकट की घड़ी में दुष्यंत अपने चाचा और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गहन प्रचार अभियान में जुटे हैं।

26 वर्षीय दुष्यंत संसदीय चुनाव में ऐसे समय में पहली बार चुनाव मैदान में उतरे हैं जब उनके कंधों पर अपने परदादा देवीलाल द्वारा स्थापित पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल में फिर से नई जान फूंकने की दुरूह जिम्मेदारी है। और वह भी ऐसे समय में जब उनके पिता और दादा जूनियर बेसिक ट्रेन्ड (जेबीटी) टीचर घोटाले में जेल में बंद हैं। कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट और लंदन के रीजेंट्स कालेज से एमबीए (ग्लोबल मैनेजमेंट) की पढ़ाई कर रहे दुष्यंत का मुकाबला हरियाणा जनहित कांग्रेस से मौजूदा सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के बेटे कुलदीप बिश्नोई से है।

यहां कांग्रेस के संपत सिंह और नौकरशाह से नेता बने आप के युद्धवीर सिंह भी मैदान में हैं। हिसार सीट पर माकपा ने फूलसिंह श्योकंद और बसपा ने मांगेराम वर्मा को उम्मीदवार बनाया है। उन्होंने प्रेट्र से साक्षात्कार में कहा, "यह मेरी जिंदगी का पहला चुनाव है और मेरे पिता तथा दादा दोनों जेल में हैं।" हालांकि वह इसे हरियाणा की भूपेन्द्र सिंह हुड्डा सरकार की "साजिश" बताना नहीं भूलते।

दुष्यंत कहते हैं, "यह बहुत सही है कि इस समय, मुझे उनकी कमी बेहद खल रही है लेकिन मैं अपनी चुनावी रणनीतियां उनके निर्देशन में ही बना रहा हूं ।" उनके चाचा अभय चौटाला और परिवार के अन्य सदस्य दुष्यंत के चुनाव प्रचार अभियान में उनकी मदद कर रहे हैं।
अपने नामांकन पत्रों में दुष्यंत ने नौ करोड़ रूपए से अधिक की चल संपत्ति और 26 करोड़ रूपये से अधिक की अचल संपत्ति घोषित की है।

एक सवाल पर वह कहते हैं कि उनके परदादा द्वारा स्थापित की गयी पार्टी इनेलो को एक "मजबूत संगठन के रूप में आगे ले जाने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है" जिसकी स्थापना उनके परदादा ने राज्य के लोगों और किसानों की सेवा के लिए की थी।" दुष्यंत कहते हैं, " पार्टी में कार्यकर्ता उसका आधार होता है। कोई भी पार्टी केवल अपने मजबूत कार्यकर्ता आधार पर ही मुकाबले में सफल होती है और इनेलो इस मामले में भाग्यशाली है।"


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