‘डूबते कर्ज से निपटने के लिए नई पॉलिसी मंजूर’

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Thursday, April 20, 2017-4:38 PM

नई दिल्ली :  केंद्रीय मंत्रीमंडल ने 6 लाख करोड़ रुपए के फंसे हुए कर्ज (एन.पी.ए.) की समस्या से निपटने के लिए एक नई एन.पी.ए. पॉलिसी को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है ।  इस नई पॉलिसी को कैबिनेट से मंजूरी जरूरी नहीं है। इस पॉलिसी पर पी.एम.ओ, वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक के बीच सहमति बन गई है। दरअसल यह कवायद मूल्याकन के लिहाज से करीब 35-30 बड़े फंसे किसानों का करीब 60 प्रतिशत है। सरकार का मानना है कि बैंकों और रिजर्व बैंक की दूसरी मौजूदा व्यवस्थाएं फंसे कर्ज से निपटने के लिए प्रर्याप्त हैं। सरकार डूबते कर्ज से निपटने के लिए बनाई गई इस नई पॉलिसी में रिजर्व बैंक एक्ट के सेक्शन (35) के तहत कदम उठाएगी। पॉलिसी में एन.पी.ए. पर बनी कमेटी को ज्यादा अधिकार मिलेंगे।

हेयरकट के नए फॉर्मूले को भी मंजूरी
जानकारी के मुताबिक वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक इस बारे में जल्द ही सर्कुलर जारी करेंगे। नई पॉलिसी के तहत एन.पी.ए. ओवरसाइट कमेटी को विशेष अधिकार मिलेंगे। सूत्रों के मुताबिक हेयरकट के नए फॉर्मूले को भी मंजूरी मिल गई है जिसके तहत तय मात्रा में हेयरकट के लिए छूट मिलेगी। बता दें कि हेयर कट का मतलब है मौजूदा भाव से कम कीमत पर संपत्ति बेचकर वसूली करना।


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