इस फील्ड में बनाएं करियर, मिलेगी 5 लाख तक सैलरी

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Friday, April 21, 2017-5:58 PM

नई दिल्ली : बोर्ड  की परीक्षाएं खत्म होने वाली है। बारहवीं के कई छात्रों को मालूम है कि उन्हें आगे जीवन में क्या करना है, वहीं कुछ अब भी अपने भविष्य को लेकर उलझन में होंगे। हम आपको बता रहे हैं एेसे करियर के बारे में  जिसमें पैसे के साथ-साथ आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं।

हमारे देश में बायोटेक इंडस्ट्री हर साल 20 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। भारत में हर साल इसका कारोबार करीब 11 अरब डॉलर का है। सरकार ने 2025 तक इसकी कैपेसिटी  को 100 अरब डॉलर पहुंचाना तय किया है। इस वजह से इस सेक्टर में आगामी सालों में नौकरियों के सबसे ज्यादा मौके नजर आ रहे हैं। नेशनल बायोटेक्नोलॉजी डेवलपमेंट स्ट्रेटजी के अनुसार अगले पांच साल में इस सेक्टर में 7 से 8 लाख नई नौकरियां मिलने का अनुमान है। यानी हर साल एक लाख से भी ज्यादा नौकरियां यहां मिल सकती हैं।

जरूरत से कम प्रोफेशनल्स, यानी मौके ही मौके
इस सेक्टर में कितना स्कोप है, इसका अंदाजा इसी तथ्य से लगाया जा सकता है कि देश के 300 से ज्यादा संस्थानों से करीब 50 हजार बायोटेक प्रोफेशनल हर साल निकलते हैं, लेकिन इस इंडस्ट्री में हर साल करीब 80 हजार प्रोफेशनल्स की जरूरत है। बायोटेक्नोलॉजी की डिग्री ले चुके छात्रों के लिए नौकरी के अवसर ड्रग एंड फार्मास्युटिकल, केमिकल, एनवायरनमेंट, वेस्ट मैनेजमेंट, एनर्जी, फूड प्रोसेसिंग और बायो प्रोसेसिंग के क्षेत्र में हैं। इसके इलावा अलग-अलग सेक्टर की कंपनियों में रिसर्च साइंटिस्ट, मार्केटिंग मैनेजर, क्वालिटी कंट्रोल ऑफिसर, लैब टेक्नीशियन, एनालिस्ट, सेफ्टी स्पेशलिस्ट जैसे पदों पर उनके लिए अवसर हो सकते हैं। इसके अलावा देशभर में 100 से ज्यादा रिसर्च लैबोरेटरी हैं, जिनमें हर साल हजारों लोगों को नियुक्त किया जाता है।

कहां से कर सकते हैं कोर्स?
बायोटेक्नोलॉजी के यूजी और मास्टर कोर्स देशभर के संस्थानों में मौजूद हैं। साइंस स्ट्रीम में 10+2 कर चुके छात्र अंडरग्रेजुएट कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। बायोटेक्नोलॉजी का बीटेक कोर्स कुछ आईआईटी संस्थानों में भी उपलब्ध है। इसमें प्रवेश जेईई एडवांस के आधार पर मिलता है और हर सीट के लिए 100 से ज्यादा आवेदक होते हैं। साइंस, इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी या मेडिसिन में बैचलर डिग्री ले चुके छात्र मास्टर कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। अधिकतर संस्थानों में प्रवेश परीक्षा के जरिए एडमिशन मिलता है।

सैलरी 
यूजी कोर्स करने के बाद एंट्री लेने वाले छात्रों का शुरुआती पैकेज 3 से 4 लाख रुपए सालाना तक हो सकता है। एक दो साल के अनुभव के बाद यह रकम 6 लाख से ज्यादा हो सकती है। मास्टर या पीएचडी डिग्री ले चुके छात्रों के लिए नौकरी के अवसर ज्यादा होते हैं और उन्हें पैकेज भी ज्यादा मिलता है। रिसर्च संस्थानों में काम करने वाले प्रोफेशनल्स को शुरुआत में ही 5 लाख रुपए तक का पैकेज मिल सकता है।

देश में हैं 800 से ज्यादा कंपनियां
देश में बायोटेक्नोलॉजी की 800 से ज्यादा कंपनियां हैं। इसके अलावा देशी-विदेशी संस्थाओं में भी छात्रों के लिए नौकरी के अवसर उपलब्ध हैं।कृषि, हेल्थकेयर व अन्य क्षेत्रों में बढ़ा उपयोग देश की 50 फीसदी से ज्यादा आबादी के जीवनयापन का जरिया कृषि है, लेकिन घटती पैदावार खाद्य सुरक्षा के लिए संकट है। बायोटेक्नोलॉजी के बेहतर इस्तेमाल से हालात में सुधार हो सकते हैं। हेल्थकेयर, एनवायरनमेंट, इंडस्ट्रियल प्रोसेसिंग, फूड इंडस्ट्री आदि में भी ये तकनीकें कारगर हो सकती हैं। बायोफार्मा सेक्टर अकेले ही देश की अर्थव्यवस्था में 2 अरब डॉलर से ज्यादा का योगदान दे सकता है।


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