टूट गया सुहाना सपना

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Friday, October 07, 2016-5:05 PM

नई दिल्ली: आर.बी.आई. के ब्याज दरें घटाने के फैसले के बाद बैंकों ने अपना कर्ज सस्ता करना शुरू तो कर दिया है लेकिन बैंक फिलहाल इसमें कंजूसी दिखा रहे हैं। बैंकों के कदम से साफ है कि वह नॉन परफार्मैंस एसैट (एन.पी.ए.) बढऩे का जोखिम नहीं लेना चाहते लिहाजा बैंकों ने सरकार और वित्त मंत्रालय को भी नजरअंदाज कर दिया है। 

रिजर्व बैंक द्वारा मंगलवार को रेपो रेट में 25 आधार अंक यानी चौथाई प्रतिशत कटौती की थी लेकिन बैंकों ने 10 बेसिस प्वाइंट तक ही ब्याज दरें कम की हैं। इसका मतलब है कि आप ई.एम.आई. में जितनी कमी की सपना देख रहे थे वह फिलहाल पूरा नहीं होने जा रहा।  रेट कट के एक दिन बाद पंजाब एंड सिंध बैंक, बैंक ऑफ  इंडिया सहित कई बैंकों ने अपने कर्ज सस्ते कर दिए। हालांकि इंटरैस्ट में कमी बेहद मामूली की गई, जो 5 से 10 बेसिस प्वाइंट्स (बी.पी.एस.) के बीच रही। वहीं पंजाब एंड सिंध बैंक ने 3 महीने से एक साल तक कर्ज के लिए इंटरैस्ट रेट में 5 बी.पी.एस. तक की कमी की है। 

पंजाब एंड सिंध बैंक ने ओवरनाइट और एक महीने के लोन के लिए मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लैंडिंग रेट्स (एम.सी.एल.आर.) में 10 बी.पी.एस. तक का इजाफा किया है। बैंक ने 3 महीने, 6 महीने और 1 साल के कर्ज पर इंटरैस्ट रेट में 5 बी.पी.एस. तक कटौती की है। बैंक के रिवाइज रेट्स अब 9.30 से 9.55 प्रतिशत की रेंज में हैं। हालांकि बैंक ने एक महीने और उससे कम अवधि के कर्ज के लिए इंटरैस्ट रेट में 5 से 10 बी.पी.एस. तक की बढ़ौतरी की है।

बैंक ऑफ  इंडिया
पब्लिक सैक्टर के बैंक ऑफ  इंडिया ने अपने कर्जों के लिए एम.सी.एल.आर. 9 से 9.35 प्रतिशत कर दी है। यह बदलाव 7 अक्तूबर से प्रभावी होंगे। बैंक ने ओवरनाइट कर्ज के लिए लैंडिंग रेट 9 प्रतिशत, 3 महीने के लिए 9.2, 6 महीने के लिए 9.25 और एक साल के लिए 9.35 प्रतिशत कर दिया। 

सिंडीकेट बैंक ने कर्ज की दर में की कमी
सिंडीकेट बैंक ने अपने कर्ज की दर को 9.55 प्रतिशत से घटा कर 9.45 प्रतिशत कर दिया है। कर्ज की नई दरें 7 अक्तूबर से प्रभावी होंगी। 

स्टेट बैंक और आई.सी.आई.सी.आई. बैंक पहले ही घटा चुके हैं कर्ज की दर
भारतीय स्टेट बैंक और आई.सी.आई. सी.आई. बैंक ने पहले ही 1 अक्तूबर से एक वर्ष के लिए अपना कर्ज 5 आधार अंक घटा कर 9.05 प्रतिशत कर दिया है। 1 अप्रैल से रिजर्व बैंक ने बैंकों से अपनी कर्ज की दर फंड की मार्जिनल कास्ट के आधार पर तय करने को कहा है। इसके बाद से बैंक फंड की मार्जिनल कास्ट के आधार पर कर्ज की दर हर माह तय करते हैं। 

डी.एच.एफ.एल. ने होम लोन की ब्याज दरों में की कटौती
दीवान हाऊसिंग फाइनांस कार्पोरेशन लिमिटेड (डी.एच.एफ.एल.) ने त्यौहारी मौसम को देखते हुए अपने होम लोन की ब्याज दर में 0.2 प्रतिशत की कटौती की है और अब यह 9.35 प्रतिशत रह गई है। कम्पनी ने एक बयान में कहा कि नई 9.35 प्रतिशत की दर उसके नए ग्राहकों के लिए होगी और 11 अक्तूबर से प्रभावी होगी। कम्पनी इस ब्याज दर को 30 लाख रुपए तक के ऋण पर उपलब्ध कराएगी।


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