हरसिमरत कौर ने कहा, 'इंदिरा गांधी ने अपनी करतूतों की कीमत चुकाई'

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Friday, October 25, 2013-2:27 PM

नई दिल्ली: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने चुरू में भाषण के दौरान अपनी दादी भूतपूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी तथा पिता राजीव गांधी की हत्याओं का जिक्र किया था। राहुल के इसी बयान पर पंजाब के उप-मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की पत्नी हरसिमरत कौर बादल ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई। सांसद हरसिमरत ने कहा, "श्रीमती गांधी (इंदिरा गांधी) उस समय कर क्या रही थीं, जब वह दूसरों के बेटों और पतियों को मार रही थीं...? वह क्या सोच रही थीं...? एक पूजा की जगह, जिसके लिए हर सिख के दिल में श्रद्धा है... वह वहां जाती हैं, उस जगह को तबाह कर देने और लोगों को मार डालने का हुक्म देती हैं... उन्होंने क्या सोचा था...? वह इसके बाद बचकर निकल जाएंगी...?"

हरसिमरत का इशारा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में छिपे उग्रवादियों को खदेडऩे के लिए सेना को भेजे जाने का आदेश देने की ओर था। हरसिमरत कौर बादल ने इसके अलावा यह भी कहा कि वर्ष 1984 के दंगों में हजारों बेकसूर सिखों की हत्या की गई और उसके 29 साल बाद भी दंगाइयों को उकसाने के आरोपी खुलेआम आज़ाद घूम रहे हैं। हरसिमरत  ने साफ कहा, "आप लोगों ने सिर्फ अपनी करतूतों की कीमत चुकाई है।"

गौरतलब है कि राहुल ने रैली में कहा था कि बेअंत सिंह और अन्य लोग मेरी दादी इंदिरा गांधी पर एक हथगोला फेंकना चाहते थे, इस बात का एहसास मुझे बाद में हुआ। इसके साथ ही राहुल ने कहा कि मेरा गुस्सा शांत होने में 10-15 साल लग गए। राहुल ने कहा, मुझे लगता है कि ये लोग पापा राजीव गांधी और दादी की तरह शायद एक दिन मुझे भी मार सकते हैं।

राहुल ने अपने बचपन के दौरान इंदिरा गांधी के हत्यारे सुरक्षागार्डों के साथ बिताए पलों को भी याद किया और बताया, "मेरे दो दोस्त थे, जो मुझे खेलना सिखाते थे। ये दोस्त थे बेअंत सिंह और सतवंत सिंह, और उन्हीं दोनों ने मेरी दादी की हत्या कर दी। देश को बांटने वाले शायद मुझे भी मार देंगे। लेकिन मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।"

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