ड्रग तस्कर मैं नहीं, मजीठिया हैं : भोला

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Tuesday, January 07, 2014-12:22 PM

मोहाली (प्रदीप/सागर): ड्रग तस्करी के आरोप में पकड़े गए अर्जुन अवार्डी पहलवान जगदीश सिंह भोला व उसके 3 साथी बिट्टू औलख, जगजीत सिंह चाहल व अनूप सिंह काहलों को ज्यूडीशियल रिमांड खत्म होने के बाद मोहाली जिला अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें 20 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

एडीशनल जिला सैशन जज परमिन्द्र पाल सिंह की अदालत में पेशी भुगतने आए जगदीश भोला ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि लोक सम्पर्क मंत्री बिक्रमजीत सिंह मजीठिया ड्रग तस्कर हैं, न कि वह। भोला ने कहा कि उन्हें तो इस मामले में फंसाया जा रहा है। इस मामले में बिक्रमजीत सिंह मजीठिया के साथ दोआबा का एक मंत्री संलिप्त है। इस मंत्री के नाम का खुलासा वह कुछ दिनों में करेंगे। एक सवाल के जवाब में भोला ने स्पष्ट कहा कि उन्हें 40 से भी ज्यादा दिनों तक पुलिस रिमांड पर रखा गया था, जिसके चलते पुलिस कोर्ट में पेशी के दौरान भी उन्हें किसी से कोई बातचीत नहीं करने देती थी।

दविन्द्र अत्री पर लगाए आरोप
भोला ने आरोप लगाया कि एस.एच.ओ. दविन्द्र अत्री ने उन्हें धमकी दी है ज्यादा गड़बड़ की तो आपके ऊपर हैरोइन की तस्करी का केस भी डाल दिया जाएगा। भोला ने कहा कि उनके गांव झामपुर स्थित शैलर से कोई नशीला पदार्थ बरामद नहीं हुआ बल्कि उनके शैलर से 1 करोड़ के चावल चोरी कर लिए गए। पुलिस बेवजह उन्हें परेशान कर रही है।  

पंजाब के गृह सचिव को नोटिस
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में पूर्व सांसद जगमीत सिंह बराड़ ने जनहित याचिका दायर करते हुए ड्रग तस्कर जगदीश भोला के मामले की सी.बी.आई. जांच की मांग की है। बराड़ की याचिका पर हाईकोर्ट के जस्टिस परमजीत सिंह और जस्टिस नविता सिंह की वेकेशन डबल बंैच ने पंजाब के गृह सचिव, डी.जी.पी. व एस.एस.पी. पटियाला और सी.बी.आई. को नोटिस जारी कर उनको 10 जनवरी तक जवाब देने को कहा है।

अपनी याचिका में बराड़ ने कहा कि जिस प्रकार भोला इस रैकेट में शामिल था और उसने मामले में बड़े नेताओं के शामिल होने की बात कही उसे ध्यान में रखते हुए स्टेट एजैंसी की बजाय किसी केंद्रीय एजैंसी को इस मामले की जांच का जिम्मा सौंपा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच बिना किसी बाधा के और सही दिशा में हो इसके लिए जरूरी है कि मामले को सी.बी.आई. को सौंप दिया जाए। उन्होंने कहा कि मामले में राजनेताओं और अधिकारियों के शामिल होने के चलते पंजाब पुलिस से जांच करवाना ठीक नहीं है क्योंकि ऐसे में जांच प्रभावित हो सकती है।


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