केजरीवाल व कट्टरवादी सिख संगठनों में निकटता बढ़ी

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Sunday, February 16, 2014-9:25 AM

जालन्धर: पंजाब की राजनीति में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। दिल्ली के कार्यवाह मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी तथा पंजाब के कट्टरवादी सिख संगठनों के बीच में निकटता बढ़ गई है। पता चला है कि 13 जनवरी को चंडीगढ़ में एक बैठक हुई थी जिसमें यूनाइटेड सिख फ्रंट के अध्यक्ष व दमदमी टकसाल के प्रवक्ता भाई मोहकम सिंह ने भाग लिया था। बैठक में कट्टरवादी सिख संगठनों ने केजरीवाल के साथ चलने का फैसला लिया।

बताया जाता है कि कट्टरवादी नेताओं ने ही केजरीवाल को सलाह दी थी कि वह 1984 के दिल्ली दंगों की जांच हेतु कमेटी बनवाएं तथा साथ ही आतंकी दविन्द्र पाल सिंह भुल्लर की फांसी की सजा को उम्रकैद में तबदील करवाने के लिए यत्न करें। चंडीगढ़ बैठक में आम आदमी पार्टी की ओर से रामगोपाल यादव शामिल हुए थे। अब अगले कदम के रूप में 18 फरवरी को मोगा में रैली की जा रही है जिसमें आम आदमी पार्टी की केंद्रीय लीडरशिप शामिल होगी। इसमें केजरीवाल तो शामिल नहीं हो रहे हैं परन्तु अन्य वरिष्ठ नेता अवश्य भाग लेंगे। माना जा रहा है कि कट्टरवादी संगठन तथा केजरीवाल की पार्टी लोकसभा चुनाव इक्ट्ठे मिलकर लड़ेंगे।

यद्यपि ‘आप’ से पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष मनप्रीत सिंह बादल भी तालमेल करने के इच्छुक थे परन्तु केजरीवाल की पार्टी ने उनके साथ समझौता करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। आप’ द्वारा कट्टरवादी संगठनों के साथ चलने से कट्टरवादी वोटों को लेकर शिअद तथा केजरीवाल के बीच जंग शुरू हो जाएगी। विधानसभा चुनाव में कट्टरवादी संगठनों से जुड़ी सिख वोटों ने अकाली दल के पक्ष में मतदान किया था परन्तु अब राजनीति में आए नए मोड़ से नए समीकरण बनने के आसार दिखाई दे रहे हैं।


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