कांग्रेस सरकार के गले की हड्डी बन सकता है सबसिडी मामला

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Tuesday, February 18, 2014-11:12 AM

लुधियाना: केन्द्र सरकार द्वारा घरेलू गैस सिलंडरों पर दिए जाने वाली सबसिडी योजना भी अमावस की रात को चंद्रमा को लगे ग्रहण जैसे उलझती दिखाई दे रही है। जिसके साथ जहां उपभोक्तओं में अंसमजस की स्थिति बनी हुई है वहीं साथ ही गैस एजेंसी के मालिकों को भी सिवाए अंधेरे के कुछ दिखाई नही दे रहा जबकि इस स्थिति में जहां उपभोक्ता एजेंसी मालिकों को आरोपी ठहरा रहे हैं वहीं इस ट्रेंड के साथ कारोबारी केन्द्र सरकार खास तौर पर राहुल गांधी पर शब्दी हमले कर रहे है और उनके द्वारा बीते दिनी जारी किए ब्यान को लेकर उपभोक्ताओं और अपने मजबूत रिशतों को तार तार करने का कारण मान रहे हैं।

यहां बतां दे कि युवराज राहुल गांधी ने बीते दिनी मीडिया को जारी किए अपने ब्यानों में कहा था कि आधार कार्डों के जरिए मिलने वाली सबसिडी पर फिल्हाल रोक लगा दी गई है। परन्तु इस दौरान उन्होने इस स्थिति अंधेरे में रखा कि घरेलू सिलंडर की दरें पहले जैसे 430 रू के करीब ही होंगी यां फिर? जबकि आम लोगो में इस ब्यान के बाद यह उलझना पैदा हो गई कि सरकार ने बढ़ी हुई दरों को वापिस ले लिया है और एजेंसी मालिक उनको सिलंडर मंहगे दाम पर देकर उनको मोटा रगड़ा बांध रहे है। परन्तु एजेेंसी मालिको का तर्क है कि जब तक कपंनियों द्वारा हमे स्थिति साफ नही होती तब तक सिलंडर हम मार्कीट दरों पर बेचने को मजबूर हैं और इस खिचोताव को लेकर कई एजेसियों के मालिकों के रिशते उपभोक्ताओं के साथ धुंधले होने लगे हैं जोकि आती लोकसभा चुनावों को चिंगारी का रूप धारण कर सकते हैं।

बैक ने पीछे खींचे पैर: -
इस दौरान भरोसेयोग सूत्रों ने एक रौचक पहलू बताते कहा कि कई बैंको ने सबसिडी वाली राशि उपभाक्ताओं के खाते में तबदील करने से पैर पीछे खीचें लिए हैं और ऐसे में उन उपभोक्तओं को मिलने वाली सबसिडी की राशि करीब 800 रूपये से वंचित रहना पड़ेगा जिन्होने सिलंडर की दरें 1210 रूपये चुकाई हैं ऐसे में वह अपने आप को ठगा सा महसूस करने लगे हैं।

गैस कारोबारियों को बडे नुकसान के आसार: -
ऐसे में ज्यादातर गैस एजेसियों का कारोबारी ग्राफ लगभग आधार रह गया है क्योंकि सिलंडर की दरों में एक तिहाई बढे कारण जहां उनको पहले एक सिलंडरों के साथ भरा ट्रक लगभग 1.25 लाख रूपये में कंपनियों क तरफ से खरीदना पड़ता था जबकि बढ़ावे के बाद वही ट्रक 5 लाख के करीब पहुंच चुका है लेकिन कीमतों में हुए अधार बढावे के कारण ज्यादातर परिवार इस दाम परप सिलंडर खरीदने से असमर्थ हैं और वह डिलवरी मैन को पैसे ना होने का बताकर वापिस भेज रहे हैं जिसके साथ स्थिति दिनों दिन गंभीर होती दिखाई दे रही है।

दरों को लेकर जल्दी आ सकता है फैसला: -
इस ट्रेड के साथ जुडे एक बडे सियासतदान के करीबी ने बताया कि पार्लियामैंट में आते एक दो दिनों में पेश हुआ मसोद अंतिम रूप ले सकता है और देश के राजसी सिंघासन पर काबज पार्टी कांग्रेस अपने गल से सबसिडी का सांप लाकर किसी ओर बात में टिका सकती है क्योंकि इस मुद्दे को लेकर देश भर में सरकार खिलाफ धरने प्रदर्शनों के साथ ही पुतले जलाने का दौर भी चल चुका है। अब देखना यह होगा कि कब सरकार लोगो को राहत प्रदान करने के लिए सबसिडी मामले को पूरी तरह से रोककर इसकी कीमतों को फिर से 430 रूपये के नजदीक लाकर खड़ा करती है।


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