अटैंडैंस में नवजोत सिद्धू फेल, प्रतिभा सिंह के सौ बटा सौ नंबर

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Friday, February 28, 2014-12:23 PM

चंडीगढ़: दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है भारत और इस लोकतंत्र की सबसे बड़ी पाठशाला है हमारी संसद। देश के सवा अरब लोग अपने प्रतिनिधि के तौर पर 543 लोगों को लोकसभा में भेजते हैं ताकि वे देश और जनता  की  भलाई  के  लिए नीतियों पर मंथन करें तथा  अपने  क्षेत्र की समस्याएं सदन में उठाकर उनका समाधान निकालें।

उत्तर भारत के 5 राज्यों पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर व चंडीगढ़ से कुल 34 प्रतिनिधि लोकसभा में बैठते हैं। अब चुनावी मौसम में राजनेता एक बार फिर से अपने-अपने इलाकों में सक्रिय हो गए हैं और तरह-तरह के वायदे कर जनता को लुभाने की कोशिश में जुटे हैं। ऐसे में ‘पंजाब केसरी’ आपको बताएगा कि संसद में आपके प्रतिनिधि के तौर पर किस सांसद की क्या परफॉर्मैंस रही। उत्तरी क्षेत्र के ये प्रतिनिधि संसद में कितने दिन पहुंचे और देश व अपने क्षेत्र के मुद्दों पर कितनी गंभीरता दिखाई।

पहली किस्त में बात करते हैं संसद में हाजिरी की। हाजिर जवाबी के लिए मशहूर पूर्व क्रिकेटर और अमृतसर से भाजपा सांसद नवजोत सिंह सिद्धू संसद में हाजिरी के मामले में मात खा गए। अमृतसर से तीसरी दफा सांसद बने सिद्धू की हाजिरी का प्रतिशत उत्तरी क्षेत्र के सांसदों में सबसे कम 28 प्रतिशत है। इस संबंध में सिद्धू से बातचीत करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे सम्पर्क नहीं हो सका।

दूसरी तरफ मंडी की सांसद और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह ने संसद में हाजिरी के मामले में मिसाल कायम करते हुए शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की है। हालांकि प्रतिभा सिंह जून, 2013 के उपचुनाव में संसद में पहुंची थीं। मंडी के तत्कालीन सांसद और उनके पति वीरभद्र सिंह के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह सीट खाली हुई थी। प्रतिभा सिंह के अलावा फतेहगढ़ साहिब से कांग्रेसी सांसद सुखदेव सिंह लिबड़ा 98 प्रतिशत उपस्थिति के साथ दूसरे नंबर पर रहे हैं, वहीं जम्मू से कांगे्रसी सांसद मदन लाल शर्मा लोकसभा की कुल बैठकों में से 92 प्रतिशत में मौजूद रहे। टॉप-10 की सूची में शर्मा तीसरे स्थान पर हैं।

वहीं अगर अटैंडैंस की सूची में नीचे से शुरूआत करें तो अमृतसर से भाजपा सांसद नवजोत सिंह सिद्धू का नाम सबसे पहले आएगा। सांसद के तौर पर पिछले 5 वर्षों के कार्यकाल में लोकसभा में उनकी उपस्थिति महज 28 प्रतिशत रही। उल्लेखनीय है कि सिद्धू लंबे समय तक अपने संसदीय क्षेत्र से भी गायब रहे थे। लोगों ने बाकायदा उनकी गुमशुदगी के पोस्टर भी चिपकाए थे।

नीचे से ऊपर की तरफ चलें तो दूसरा नाम आता है हरियाणा के फरीदाबाद से कांग्रेसी सांसद अवतार सिंह भड़ाना का। उनकी हाजिरी महज 47 प्रतिशत रही। इसके बाद हरियाणा जनहित कांग्रेस के अध्यक्ष कुलदीप बिश्नोई का नंबर है जो लोकसभा की आधी बैठकों से नदारद रहे। कुलदीप अपने पिता भजन लाल की मृत्यु के बाद सितम्बर, 2011 में हुए उपचुनाव में हिसार से सांसद बने थे।

टॉप 3 में छाए कांग्रेसी सांसद

संसद में सबसे ज्यादा मौजूद रहने वाले सांसदों की सूची में पहले 3 स्थानों पर कांग्रेसी सांसदों का कब्जा है। प्रतिभा सिंह, सुखदेव सिंह लिबड़ा और मदन लाल शर्मा तीनों ही कांग्रेसी सांसद हैं। टॉप-5 में भाजपा का 1 और 1 स्वतंत्र सांसद भी शामिल है।

फिसड्डियों में हरियाणा-पंजाब का बोलबाला
निचले पायदान से अगर शुरू करें तो पहले 5 में हरियाणा और पंजाब का बोलबाला है। हिमाचल एवं जम्मू और कश्मीर का कोई भी सांसद निचले पायदान से शुरू होने वाली इस सूची में शामिल नहीं है। इस सूची में कांग्रेस के 2, भाजपा, हजकां और शिअद का 1-1 सांसद शामिल है।

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