तो अंबिका यहां से लड़ेगी चुनाव

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Monday, March 24, 2014-3:39 PM

नई दिल्ली: पंजाब के पूर्व दिवंगत मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पौत्र रवनीत सिंह बिट्टू ने कांग्रेस हाईकमान को कह दिया है कि लुधियाना उन्हें स्वीकार्य नहीं। चुनावी मुहिम के मध्य ही उन्हें आनंदपुर से लुधियाना शिफ्ट किया गया है। इस समाचार से रवनीत को गहरा आघात पहुंचा है क्योंकि वह इस निर्वाचन क्षेत्र के लिए पिछले 20 दिनों से राहुल गांधी से अनुमति मिलने के बाद चुनावी मुहिम चला रहे थे। उनका नाम आधिकारिक तौर पर कांग्रेस चुनाव कमेटी ने 10 दिन पहले ही स्पष्ट कर दिया था।

लोकसभा सांसद होने के नाते पिछले 5 वर्षों के दौरान वह वहां अपनी सांसद निधि से करोड़ों रुपए खर्च कर चुके थे और अपनी पूरी ताकत झोंके हुए थे। अब वह दिल्ली में डेरा जमाए हुए हैं और हाईकमान नेताओं को कह रहे हैं कि उनको मिले अवसर को कैसे बर्बाद किया जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस महासचिव शकील अहमद से गुजारिश की कि अंबिका सोनी लोकसभा चुनाव पहली बार लड़ रही हैं और उनके लिए लुधियाना तथा आनंदपुर साहिब दोनों नए हैं तो क्यों न अम्बिका को लुधियाना से ही खड़ा किया जाए? विकल्प के तौर पर मैं आनंदपुर साहिब में उनके लिए कार्य करूंगा मगर लुधियाना से चुनाव नहीं लड़ूंगा।

हाईकमान इस बात को मानने को कतई तैयार नहीं। पार्टी ने बिट्टू को लुधियाना में चुनाव का सामना करने को कहा है और यह भी कहा है कि पार्टी उन्हें बाद में इसके लिए पर्याप्त पुरस्कार देगी। इस दौरान मनीष तिवारी डिस्चार्ज होने के बाद अपने घर वापस आ गए हैं। उन्हें पूरा आराम करने को कहा गया है।

शकील अहमद ने इन बातों को भी नकार दिया कि तिवारी चुनाव लडऩे के लिए तैयार नहीं क्योंकि तिवारी लुधियाना को अपने लिए इस बार असुरक्षित क्षेत्र मानते हैं तभी तो उन्होंने चंडीगढ़ से लडऩे की अपनी इच्छा जताई है जबकि सोनिया गांधी के वफादार पवन कुमार बंसल को चंडीगढ़ से टिकट मिल गया है इसीलिए तिवारी को ठेस पहुंची। एक दिन बाद तिवारी फिर अस्पताल में पहुंच गए और पार्टी में कई प्रकार की चर्चाएं होने लगीं।

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