ब्लॉगवाणी अरुण जेटली: शीशे के घरों में बैठे लोग

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Thursday, March 27, 2014-3:09 PM

नई दिल्ली: राजनीति में सच्चाई और प्रमाणिकता पर जोर देने की बात करने वाली कांग्रेस पार्टी ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण को नांदेड़ से अपना उम्मीदवार बनाया है। आदर्श घोटाले की जांच के लिए बने आयोग ने चव्हाण को दोषी ठहराया था। सी.बी.आई. उनके खिलाफ  मुकद्दमा दर्ज करना चाहती थी लेकिन राज्यपाल ने ऐसा करने की अनुमति नहीं दी। यह निर्णय पूर्ण तरीके से राजनीति से प्रभावित था। कांग्रेस ने चंडीगढ़ से पवन बंसल को अपना उम्मीदवार बनाया है जिनको रेलवे बोर्ड घोटाले की वजह से सरकार से इस्तीफा देना पड़ा था। जिन तौर-तरीकों से गुजरात और राजस्थान के भाजपा नेताओं पर सी.बी.आई. ने कार्रवाई की थी, अगर उसका अंश मात्र भी पवन बंसल के प्रकरण में इस्तेमाल किया जाता तो यह केस अब तक अपनी ताॢकक परिणिति पर पहुंच गया होता।

 

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस का चुनाव अभियान एक ऐसे व्यक्ति के नेतृत्व में चल रहा है जो सी.बी.आई. जांच के दायरे में है। सी.बी.आई. ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से एक केस में पूछताछ की है। कैप्टन साहिब के खिलाफ  अभियोग चल रहा है।

क्या कांग्रेस लोगों के दिमाग से गायब हो चुकी है?

भाजपा नेता अरुण जेटली ने कहा कि पिछले 2 महीनों से वे ट्विटर, फेसबुक और गूगल हैंगआऊट पर सक्रिय हैं। भाजपा, अर्थव्यवस्था, भ्रष्टाचार और स्थिर सरकार की जरूरत को लेकर लोगों के मन में तमाम प्रश्न और जिज्ञासाएं हैं। आम आदमी पार्टी और उसके नेताओं को लेकर भी तमाम प्रश्न हैं। मुझे इस बात की हैरानी है कि सोशल मीडिया के माध्यम से इन तमाम प्रश्नों के बीच एक भी प्रश्न ऐसा नहीं पूछा गया है जो कांग्रेस पार्टी से जुड़ा हो। क्या कांग्रेस पार्टी लोगों के दिमाग से बाहर हो चुकी है?

कैप्टन अमरेंद्र कांग्रेस में क्यों हैं?

मैं नियमित तौर पर राजनीतिक विषयों पर बात करता हूं। मैं लगातार समाचार पत्रों और फेसबुक पर लिख रहा हूं। आतंकवाद के प्रति मेरा विरोध जगजाहिर है। मेरे सभी लेख और भाषण वैबसाइट पर उपलब्ध हैं। अगर कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने इनको पढ़ा होता तो आतंकवाद और आतंकवादियों को सम्मानित किए जाने को लेकर मेरी सोच के विषय में दुर्भावना से ग्रस्त प्रश्न नहीं पूछते। निश्चित तौर पर मैं ऐसे किसी भी कृत्य का विरोध करता हूं।

 

आतंकवाद और उग्रवाद का विरोधी होने के बावजूद मैं यह हमेशा मानता रहा हूं कि ऑप्रेशन ब्ल्यू स्टार दुर्भावना से प्रेरित और नियोजित अभियान था। जिन्होंने इस ऑप्रेशन की योजना बनाई उन्हें इसके विपरीत परिणामों का अंदाजा नहीं था। मैं इसे ब्लंडर मानता हूं जैसा कि मैंने पूर्व में भी कहा है उद्देश्य की प्राप्ति के लिए कुछ अन्य तरीके भी हो सकते थे। कैप्टन अमरेंद्र सिंह उस पार्टी के उम्मीदवार हं, जिसने ऑप्रेशन ब्ल्यू स्टार की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया। आखिर क्यों कैप्टन ऐसी पार्टी से जुड़े हैं जो ऑप्रेशन ब्ल्यू स्टार के लिए उत्तरदायी है?

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