नई केंद्र सरकार डावांडोल बनेगी, मध्यावधि चुनाव होंगे!

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Friday, April 04, 2014-12:42 AM

नए प्रधानमंत्री के चयन में अडवानी की इच्छा का सम्मान संभव
जालंधर (धवन): देश में लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है तथा लोगों की निगाहें इस तरफ हैं कि क्या भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी पी.एम. की कुर्सी पर बैठ सकेंगे या नहीं। ‘द टाइम्स ऑफ एस्ट्रोलॉजी’ पत्रिका के अप्रैल-जून 2014 अंक में मोदी तथा लाल कृष्ण अडवानी दोनों की कुंडलियों की विस्तार से समीक्षा की गई है। ज्योतिषी राजेश्वरी शंकर ने लिखा है कि लोकसभा चुनाव के बाद बनने वाली नई संसद अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सकेगी तथा 2-3 वर्षों बाद ही इसको भंग करने की नौबत आ जाएगी। नई सरकार अपना कार्यकाल पूरा किए बिना ही समाप्त हो जाएगी।

उन्होंने मोदी और अडवानी की कुंडलियों के बारे में लिखा है कि दोनों ही वृश्चिक लग्न में पैदा हुए तथा दोनों की कुंडलियों में बुध व बृहस्पति वक्री अवस्था में हैं परन्तु दोनों कुंडलियों में 10वें घर के स्वामी की स्थिति भिन्न है। मोदी की कुंडली में 10वें घर का स्वामी वक्री बुध है जो कि 8वें घर का भी स्वामी है जबकि अडवानी की कुंडली में 10वें घर का स्वामी सूर्य है जो 11वें स्थान में बैठा हुआ है। मोदी की कुंडली में केतु व राहू क्रमश: 10वें व चौथे स्थान में बैठे हुए हैं जबकि अडवानी की कुंडली में ये पहले व 7वें स्थान पर हैं। मोदी का पहले घर का नक्षत्र स्वामी सूर्य है जबकि अडवानी की कुंडली में शुक्र।

उन्होंने लिखा कि मोदी की कुंडली में 11वां, 10वां, पहला, 9वां आदि घर सूर्य व बुध से संबंध रखते हैं जबकि अडवानी का 11वां घर तीसरे व पहले से जुड़ा हुआ है। मोदी का 10वां घर चौथे घर से जुड़ा है। इस कारण वह लोकप्रिय नेता हैं परन्तु यही चौथा घर उचित समय आने पर रुकावटें पैदा कर देता है। मोदी की कुंडली में 10वें या 11वें का 7वें घर से मजबूत संबंध नहीं है। इससे यह भी सिद्ध होता है कि बहुमत मिलने या उसके निकट पहुंचने पर ही मोदी प्रधानमंत्री बन सकते हैं लेकिन अगर भाजपा को लोकसभा में बहुमत प्राप्त नहीं होता तथा उसे अन्य पार्टियों के सहारे रहना पड़ा तो प्रधानमंत्री पद के लिए चयन हेतु अन्य उम्मीदवार भी सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि अडवानी की कुंडली में 10वां  घर 7वें घर से जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि मोदी का सूर्य भारत की कुंडली में चौथे, 8वें तथा 9वें घर का उप-नक्षत्र स्वामी है।

अडवानी की कुंडली में उनके पहले घर का उप-नक्षत्र स्वामी शुक्र है जो कि भारत की कुंडली में 10वें भाव का उप-नक्षत्र स्वामी भी है इसलिए संभव है कि प्रधानमंत्री के चयन के समय अडवानी की इच्छा का सम्मान हो सकता है।

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