सुविधायें सुधर रही हैं लेकिन एथलीटों का प्रदर्शन नहीं: उषा

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Sunday, September 08, 2013-3:08 PM

रांची: ‘उडऩपरी’ पीटी उषा को लगता है कि भारतीय एथलीटों के लिये सुविधायें तेजी से सुधर रही हैं लेकिन वे बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि वे मानसिक रूप से मजबूत नहीं दिखते। उषा ने कहा, ‘‘पहले एथलीटों का प्रदर्शन अच्छा था, हालांकि तब इतनी सुविधायें नहीं थीं। तुलना की जाये तो अब सुविधायें बेहतर हैं लेकिन प्रदर्शन उस स्तर तक नहीं पहुंचा है।’’

अपने करियर को याद करते हुए उषा ने कहा कि काफी मौजूदा एथलीट जरा से शरीर के दर्द के बाद अभ्यास खत्म कर देते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘क्योंकि दिमाग इतना मजबूत नहीं है और एथलेटिक्स में अच्छा करने के लिये मजबूत दिमाग की जरूरत होती है।’’ उषा की इस बात पर टिप्पणी करते हुए आर इलावरासी ने कहा कि इस महान एथलीट की उपलब्धि की बराबरी करने के लिये पूर्णकालिक कोच और प्रायोजन की जरूरत है।

इलावरासी ने कल यहां 53वीं सीनियर राष्ट्रीय ओपन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में 400 मी बाधा दौड़ जीती। इलावरासी ने कहा, ‘‘ओ आर नाम्बियार सर पूरी तरह से उषा दीदी की ट्रेनिंग के प्रति समर्पित थे, वे उनकी ट्रेनिंग सुविधाओं से लेकर उनकी खाने की जरूरतों पर ध्यान देते थे।’’

उषा अपने कोच की तरह वही सब करने की कोशिश कर रही हैं और 23 वर्षीय टिंटु लुका को ट्रेनिंग दे रही हैं जो पिछले ओलंपिक में 11वें स्थान पर रही थी। उन्होंने कहा, ‘‘अगर टिंटु अपनी स्पर्धा में एक सेकेंड कम कर दे तो वह अगले ओलंपिक में पदक विजेताओं में शामिल हो सकती है।’’


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