पहले दिन का खेल खत्म, भारत ने बनाए 37 रन

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Wednesday, November 06, 2013-4:32 PM

कोलकाता: सचिन तेंदुलकर ने अपने 199वें टेस्ट मैच में 201वां अंतर्राष्ट्रीय विकेट लेकर जहां दर्शकों को रोमांचित किया वहीं अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने चार विकेट हासिल किये जिससे भारत पहले टेस्ट क्रिकेट मैच के शुरूआती दिन आज यहां वेस्टइंडीज को 234 रन पर समेटने में सफल रहा। शमी ने अपने मूवमेंट और स्विंग से बल्लेबाजों को खासा परेशान किया तथा 71 रन देकर चार विकेट लिये।

आफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने 52 रन देकर दो विकेट हासिल किये जबकि भुवनेश्वर कुमार, प्रज्ञान ओझा और तेंदुलकर को एक एक विकेट मिला। वेस्टइंडीज की तरफ से मर्लोन सैमुअल्स ने सर्वाधिक 65 रन बनाये। भारत ने पहले दिन का खेल समाप्त होने तक बिना किसी नुकसान के 37 रन बनाये। वेस्टइंडीज के तेज और स्पिन गेंदबाज अब तक शिखर धवन (नाबाद 21) और मुरली विजय (नाबाद 16) पर प्रभाव छोडऩे में नाकाम रहे हैं।

इससे पहले सुबह ईडन गार्डन्स जब पूरी तरह से सचिन के रंग में रंगा हुआ था तब डेरेन सैमी का टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करना इस स्टार बल्लेबाज के प्रशंसकों को नागवार गुजरा। भारतीय गेंदबाजों ने हालांकि सैमी के फैसले को जल्द ही गलत साबित कर दिया। पहले सत्र में ही वेस्टइंडीज के दोनों सलामी बल्लेबाज पवेलियन लौट गये थे। भुवनेश्वर ने क्रिस गेल (18) का कीमती विकेट लेकर भारत को शुरूआती सफलता दिलायी जबकि शमी ने कीरेन पावेल (28) के रूप में अपना पहला टेस्ट विकेट लिया।

वेस्टइंडीज जब सैमुअल्स के 19वें टेस्ट अर्धशतक की मदद से अच्छी प्रगति कर रहा था तब शमी ने दूसरे सत्र में कहर बरपाया। उन्होंने सैमुअल्स के अलावा दिनेश रामदीन (4) को पवेलियन भेजा। चाय के विश्राम तक कैरेबियाई टीम ने डेरेन ब्रावो (23) और कप्तान सैमी (16) के विकेट भी गंवाये। शिवनारायण चंद्रपाल ने एक छोर संभाले रखा लेकिन दूसरे छोर से विकेट गिरते रहे। अपना 149वां मैच खेल रहे इस अनुभवी बल्लेबाज को आखिर में अश्विन ने हल्की टर्न लेती गेंद पर बोल्ड किया। चंद्रपाल ने 36 रन बनाये।

इसके बाद वेस्टइंडीज की पारी समाप्त होने में देर नहीं लगी। तेंदुलकर को आज बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला लेकिन उन्होंने उस मैदान पर गेंदबाजी में हाथ आजमाये जहां उन्होंने 1993 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ऐतिहासिक आखिरी ओवर किया था। इस स्टार ने अपने पहले ओवर में ही एक विकेट लेकर दर्शकों को रोमांचित किया। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का अनुभवी इशांत शर्मा की जगह शमी को टेस्ट कैप देने का फैसला सही रहा।

उन्होंने भुवनेश्वर के साथ मिलकर सुबह की नमी का पूरा फायदा उठाया और 50 रन से पहले ही वेस्टइंडीज के दोनों सलामी बल्लेबाज पवेलियन भेज दिये। वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों विशेषकर सैमुअल्स ने भारतीय स्पिनरों को निशाना बनाया। इसी मैदान पर 2002 में अपना पहला टेस्ट शतक जडऩे वाले इस बल्लेबाज ने अपनी 98 गेंद की पारी में 11 चौके और दो छक्के लगाये। उन्होंने ब्रावो के साथ तीसरे विकेट के लिये 91 रन की साझेदारी की। भुवेनश्वर ने खतरनाक दिख रहे गेल को आउट करके भारतीयों को राहत पहुंचायी।

गेल ने फुटवर्क का इस्तेमाल किये बिना ड्राइव करने की कोशिश की लेकिन गेंद बल्ले का किनारा लेकर दूसरी स्लिप में विजय के हाथों में चली गयी। धोनी ने इसके बाद शमी को हाईकोर्ट छोर से गेंद सौंपी और बंगाल का यह तेज गेंदबाज अपना पहला टेस्ट विकेट लेने में सफल रहा। शमी के बाउंसर को पावेल सही टाइमिंग से नहीं खेल पाये और भुवनेश्वर ने उनके खराब शाट को मिडआफ पर दौड़कर कैच में तब्दील कर दिया। लंच के बाद शमी ने कहर बरपाया और अपने लगातार ओवर में विकेट लिये। इस बीच उन्होंने ब्रावो को रन आउट करने में भी अहम भूमिका निभायी। इस तरह से वेस्टंडीज ने तीन ओवर में तीन विकेट गंवाये।

शमी ने अपने तीसरे स्पैल में सात ओवर में 30 रन देकर दो विकेट लिये। धोनी ने दूसरे सत्र के बीच में भुवनेश्वर के स्थान पर शमी को गेंद सौंपी। तब सैमुअल्स अपने प्रिय मैदान पर पूरी तरह हावी होकर खेल रहे थे। शमी को कुछ रिवर्स स्विंग मिल रही थी जबकि वह 143 किमी की रफ्तार से गेंद कर रहे थे। उन्होंने तेज इनकटर पर सैमुअल्स को बोल्ड करके अपना दूसरा विकेट लिया और अपने अगले ओवर में दिनेश रामदीन (4) को इसी अंदाज में पवेलियन की राह दिखायी।

बायें हाथ के स्पिनर प्रज्ञान ओझा ने भी प्रभावशाली गेंदबाजी की। सैमी ने उनकी गेंद पर खराब शाट खेलकर अपना विकेट गंवाया। ओझा का हालांकि भाग्य ने साथ नहीं दिया क्योंकि उनकी गेंदों पर कप्तान धोनी ने विकेट के पीछे सैमुअल्स और शिलिंगफोर्ड के कैच छोड़े। धोनी ने चाय के विश्राम से पहले आखिरी ओवर तेंदुलकर को सौंपा। उन्होंने पहले लेग ब्रेक और गुगली की और बाद में सीधी गेंद पर शेन शिलिंगफोर्ड को पगबाधा आउट करके दर्शकों को मदहोश कर दिया।

यह तेंदुलकर के टेस्ट मैचों में 46वां और अंतर्राष्ट्रीय करियर का 201वां विकेट है। अश्विन ने पहले वीरासामी पेरमल (14) और फिर चंद्रपाल को आउट किया। शमी ने उनकी तरह टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण कर रहे शेल्डन कोर्टरेल को खाता भी नहीं खोलने दिया।


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