अंग्रेजों से लगान नहीं वसूल सका भारत

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Saturday, January 11, 2014-11:24 AM

नई दिल्ली: मेजबान भारत विश्व की चौथे नंबर की टीम इंग्लैंड के खिलाफ हीरो हॉकी वर्ल्ड लीग फाइनल के अपने पहले मुकाबले में निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए पूल-ए में 0-2 से हार गया। इंग्लैंड की टीम ने दोनों हाफ में एक-एक गोल दागकर पूरे तीन अंक हासिल किए। यहां मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में इंग्लैंड की टीम हर लिहाज से भारतीय टीम पर भारी पडी। मेजबान टीम ने टुकडों-टुकडों में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन वह जीत दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं था।

विश्व की चौथे नंबर की टीम इंग्लैंड के लिए दोनों गोल एडम डिक्सन ने 27वें और 44वें मिनट में पेनल्टी कार्नर पर किए। भारत ने हालांकि 60वें मिनट में एक गोल किया था लेकिन पेनल्टी कार्नर पर लिए गए पुश को ठीक से न रोके जाने के कारण यह गोल अमान्य करार दिया गया। ड्रैग फ्लिकर रपिन्दर पाल सिंह ने अपने सटीक शाट से इंग्लैंड के विकेटकीपर जार्ज पिनर को पराजित कर दिया था। भारतीय खिलाडी और समर्थक अभी इस गोल का जश्न मना ही रहे थे कि इंग्लैंड के खिलाडियों ने कुछ आपत्ति जताते हुए रेफरल मांग लिया।

रेफरल में साफ था कि पेनल्टी कार्नर पर लिया गया पुश डी के अंदर ठीक से नहीं रका था और अंपायर ने इस गोल को अंतत: अमान्य करार दिया। इंग्लैंड ने शेष दस मिनट में अपनी श्रेष्ठता बनाए रखते हुए भारत को कोई और मौका नहीं दिया और वर्ल्ड लीग फाइनल में अपने अभियान की जीत के साथ शानदार शुरुआत की। दिन के इससे पहले के तीनों मैचों में दर्शकों की संख्या मामूली सी थी लेकिन रात आठ बजे इस मैच में कडाके की सर्दी के बावजूद भारतीय समर्थक तिरंगा लेकर टीम इंडिया का हौसला बढाने के लिए नेशनल स्टेडियम पहुंच गए।

लगभग 500 दर्शकों के जीतोड समर्थन के बावजूद भारतीय टीम पूरे मैच में कोई गोल नहीं कर सकी। इंग्लैंड की टीम ने मैच में शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए रखा। भारतीय खिलाडियों के मुकाबले इंग्लैंड के खिलाडियों की रणनीति, हमले और पासिंग ज्यादा सटीक थे। भारतीय खिलाडी पूरे मैच के दौरान गेंद पर नियंत्रण पाने के लिए संघर्ष करते रहे। भारतीय टीम के खेल को देखकर ऐसा कुछ नहीं लग रहा था कि ऑस्ट्रेलियाई कोच टेरी वाल्श ने इस भारतीय टीम में कोई नया जज्बा पैदा किया है।

पहले दस मिनट में इंग्लैंड के दबदबे के बाद भारत ने जवाबी प्रहार किए और 14वें और 15वें मिनट में दो पेनल्टी कार्नर हासिल किए। मगर ये दोनों ही मौके बेकार गए। इसके अगले मिनट में इंग्लैंड ने बाईं तरफ से शानदार प्रयास किया मगर हैरी मार्टिन का पुश गोल पोस्ट से निकलकर बाहर निकल गया। इंग्लैंड को 22वें मिनट में पहला और 25वें मिनट में दूसरा पेनल्टी कार्नर मिला।

दूसरे पेनल्टी कार्नर मार्क ग्लेघोर्न के शाट को गोलकीपर पी आर श्रीजेश ने बचा लिया। लेकिन 27वें मिनट में तीसरे पेनल्टी कार्नर पर एडम डिक्सन का शाट श्रीजेश को छका गया। इंग्लैंड को तीसरा पेनल्टी कार्नर एक इंग्लिश खिलाडी को डी के बाहर भारतीय खिलाडी द्वारा गिराए जाने पर मिला था। इंग्लैंड ने अपनी दूसरा गोल 44वें मिनट में मिले पेनल्टी कार्नर पर मिला। इंग्लैंड ने इस पेनल्टी कार्नर पर सीधे शाट ने लेकर वेरिएशन का इस्तेमाल किया और डिक्सन ने अपना और टीम का दूसरा गोल दाग दिया।

रुपिन्दर पाल से 60वें मिनट में पेनल्टी कार्नर पर गोल जरुर किया लेकिन इसे अमान्य करार दिए जाने के कारण भारतीय खिलाडियों की खुशी क्षणभर ही टिकी रह सकी। इंग्लैंड ने हालांकि यह मैच 2-0 से जीता लेकिन मैच में 75 फीसदी इंग्लिश टीम ही छाई रही। भारत को शनिवार को अपना दूसरा मैच रात आठ बजे ही न्यूजीलैंड से खेलना है।


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