हॉकी विश्व लीग: बेल्जियम से हार छठे स्थान पर रहा भारत

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Saturday, January 18, 2014-6:05 PM

नई दिल्लीः भारतीय टीम ने हीरो हॉकी विश्व लीग के पहले संस्करण में छठा स्थान हासिल किया। भारत को शनिवार को मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में खेले प्लेऑफ मैच में बेल्जियम के हाथों 1-2 से हार मिली। भारत के लिए मैच का पहला गोल 59वें मिनट में निकिन थिमैय्या ने किया जबकि बेल्जियम की टीम ने अंतिम पांच मिनट में दो गोल करते हुए मैच अपने नाम किया। बेल्जियम के लिए फ्लोरेंट अयुबेल ने 67वें और टॉम बून ने 68वें मिनट में गोल किया।

पूल स्तर पर बेल्जियम और भारत का खेल एक जैसा रहा था। दोनों को दो मैचों में हार मिली थी और एक-एक मैच बराबरी पर छूटा था। क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम को इंग्लैंड ने 1-0 से हराया था जबकि भारत को आस्टे्रलिया ने 7-2 से पराजित किया था। इसके बाद भारत ने पांचवें स्थान के प्लेऑफ मैच में जर्मनी को 5-4 से हराया और बेल्जियम ने अर्जेटीना पर पेनाल्टी शूटआउट के माध्यम से 3-1 से जीत हासिल की। जर्मनी ने शनिवार को अर्जेंटीना को 2-1 से हराकर सातवां स्थान हासिल किया।

बहरहाल, पहले हाफ में दोनों टीमों के बीच जोरदार प्रतिस्पर्धा देखी गई। दोनों ने गोल करने के कुछ मौके बनाए लेकिन सफलता किसी को नहीं मिली। बॉल पजेशन के मामले में बेल्जियम की टीम 20 रही। बेल्जियम की टीम ने गेंद को न सिर्फ अपेक्षाकृत अधिक समय तक रखा बल्कि उस पर बेहतर नियंत्रण भी दिखाया। दूसरी ओर, भारतीय टीम ने पहले हाफ में निराशाजनक खेल दिखाया। उसके सीनियर खिलाड़ी भी गेंद को ठीक से टेकल नहीं कर पा रहे थे। उसका खेल बिल्कुल वैसा ही था, जैसा उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ पूल स्तर पर दिखाया था। पासिंग भी काफी खराब रही। भारतीय टीम खुशकिस्मत रही कि तमाम खामियों के बावजूद पहले हाफ में उसके खिलाफ एक भी गोल नहीं हुआ।

दूसरे हाफ में भी बिल्कुल वही नजारा रहा। भारतीय खिलाड़ी मौके बनाते और गंवाते रहे। बेल्जियम की टीम भी यही करती रही लेकिन थोड़ा बेहतर तरीके से। यही कारण था कि उसे 48वें, 49वें और 51वें मिनट में एक के बाद एक तीन पेनाल्टी कार्नर मिले लेकिन वह उनको भुना नहीं सकी। भारत ने तीन पेनाल्टी कार्नरों को बेकार करने के बाद जवाबी हमला किया। इस हमले पर मंदीप सिंह गोल करने में नाकाम रहे जबकि उनके पास एक शानदार मौका था लेकिन भारत को एक पेनाल्टी कार्नर प्राप्त हुआ। यह उसका पहला पेनाल्टी कार्नर था। बीते मैच में जर्मनी के खिलाफ पेनाल्टी कार्नर पर दो गोल करने वाले रुपिंदर पाल सिंह ने जोर की आजमाइश की लेकिन वह गोलकीपर विंसेंट वानास को छकाने में सफल नहीं हो सके।

अंतिम क्वार्टर में भारत ने हालांकि अपने खेल का स्तर थोड़ा सुधारा और इसका सीधा फायदा दिखा। कप्तान सरदार सिंह के सटीक पास पर 55वें मिनट में एसवी सुनील ने दाईं छोर से हमला किया लेकिन वह बेकार चला गया। इसके बाद 58वें मिनट में अफान यूसुफ को डी-एरिया में दाईं ओर से एक पास मिला। अफान ने गेंद को गोली की ओर ढकेल दिया लेकिन विंसेंट ने उसे किक कर दिया। अफान ने रीबाउंड शॉट लिया लेकिन गोली ने फिर बचा लिया। इस बार गेंद रीबाउंड होकर बाएं हिस्से में खड़े निकिन थिमैय्या के पास गई, जिन्होंने उसे गोल में डाल दिया। इस तरह बर्थडे ब्वॉय निकिन ने भारत को पहली सफलता दिलाई।

इसके बाद बेल्जियम ने बराबरी का गोल करने के लिए हमले तेज कर दिए। इसी क्रम में उसे 67वें मिनट में सफलता मिली। एक ऊंची उठती गेंद को गोल में डालकर फ्लोरेंट अबूबेल अपनी टीम को 1-1 की बराबरी पर ला चुके थे। अब ऐसा लग रहा था कि मैच का फैसला पेनाल्टी शूटआउट पर होगा लेकिन 68वें मिनट में बेल्जियम ने चौथा पेनाल्टी कार्नर हासिल किया और इस पर बून ने गोल करने में सफलता हासिल की। यह टूर्नामेंट में बून का पांचवां गोल है। वह सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाडिय़ों की सूची में दूसरे क्रम पर आ गए हैं।


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