बेदी ने बीसीसीआई की पारिश्रमिक नीति में भेदभाव के आरोप लगाए

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Wednesday, January 22, 2014-9:40 AM

नई दिल्ली: पूर्व भारतीय क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी ने बीसीसीआई की पारिश्रमिक नीति में भेदभाव के आरोप लगाए और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के दबदबे पर सवाल उठाए। बेदी ने कहा कि कुछ क्रिकेटरों के वेतन के अंतर के पीछे कोई तर्क नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘क्या आप चेतेश्वर पुजारा और सुरेश रैना की तुलना कर सकते हो। अगर आप नहीं कर सकते तो फिर बीसीसीआई के केंद्रीय अनुबंध में रैना ग्रुप ए में कैसे है जबकि पुजारा ग्रुप बी में है।’’

जब यह पूछा गया कि रैना के बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के करीब होने के कारण ऐसा है तो बेदी ने कहा, ‘‘यही कारण है।’’ बीसीसीआई के केंद्रीय अनुबंध में ग्रुप ए में रहने वाले क्रिकेटर को सालाना एक करोड़ रुपए की रिटेनर राशि दी जाती है जबकि ग्रुप बी के खिलाड़ी को 50 लाख रुपए मिलते हैं। यह महान स्पिनर सीनियर पत्रकार रामचंद्र गुहा राय की किताब ‘माही स्टोरी आफ इंडियाज मोस्ट सक्सेसफुल कैप्टन’ के लॉन्च के मौके पर बोल रहा था।

धोनी के बारे में बेदी ने कहा, ‘‘मैं धोनी का बड़ा प्रशंसक नहीं हूं लेकिन मैं निश्चित तौर पर कहूंगा कि क्रिकेट संस्था से कभी किसी को इतने अधिकार और ताकत नहीं मिली। मुझे लगता है कि महान टाइगर पटौदी और सुनील गावस्कर के पास भी ऐसे अधिकार नहीं थे।’’ बेदी ने मैदान के बाहर धोनी के नेतृत्व कौशल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ‘‘एक कप्तान के रूप में वह टीम के अपने साथियों के लिए उपलब्ध नहीं है यह उसके टीम के साथी ने कहा जो कोई और नहीं वीवीएस लक्ष्मण है।’’
 


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