धोनी पर करियर में पहली बार 0-4 की क्लीन स्वीप का खतरा

  • धोनी पर करियर में पहली बार 0-4 की क्लीन स्वीप का खतरा
You Are HereSports
Thursday, January 30, 2014-4:03 PM

नई दिल्ली: कप्तान महेंद्र सिंह धोनी न्यूजीलैंड के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज में पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन का रिकार्ड तोड़ देश का सबसे सफल वनडे कप्तान बनने के लक्ष्य के साथ उतरे थे लेकिन अब उनपर अपने करियर में पहली बार 0-4 की शर्मनाक क्लीन स्वीप का खतरा मंडराने लगा है। धोनी इस सीरीज में विश्व की अपनी नंबर एक रैंकिंग पहले ही गंवा चुके हैं और अब करियर में पहली बार 0-4 की क्लीन स्वीप के खतरे में फंस गए हैं।

 

सीरीज का पांचवां और अंतिम मैच शुक्रवार को वेलिंगटन में खेला जाना है और इस मैच में धोनी के पास अपनी  प्रतिष्ठा बचाने का आखिरी मौका होगा। इस सीरीज में यदि धोनी तीन मैच जीतते तो वह न केवल अपनी नंबर एक बादशाहत कायम रखते बल्कि अजहर का रिकार्ड तोड़कर देश के सबसे सफल कप्तान बन जाते। लेकिन कीवी टीम उनका यह मंसूबा पूरा नहीं होने दिया। अजहर ने अपनी कप्तानी में 174 मैचों में 90 जीते थे जबकि धोनी अब तक 158 मैचों में 88 मैच जीत पाए हैं।

 

धोनी राहुल द्रविड़ के 2007 के इंग्लैंड दौरे में नेटवेस्ट सीरीज में 3-4 की पराजय के साथ कप्तानी छोडऩे के बाद भारत के वनडे कप्तान बने थे और उन्होंने आस्ट्रेलिया को सात मैचों की घरेलू सीरीज में 4-2 से मात दी थी। इस सीरीज के बाद से धोनी का वनडे सीरीज में सबसे खराब प्रदर्शन 2011 के इंग्लैंड दौरे में पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की हार रहा था।

 

न्यूजीलैंड दौरे से पहले भारत दक्षिण अफ्रीका में तीन मैचों की सीरीज में 0-2 से हारा था जबकि इससे पहले भारत की वेस्टइंडीज को 2-1 से, आस्ट्रेलिया को 3-2 से, विराट कोहली की कप्तानी में जिम्बाब्वे को 5-0 से और इंग्लैंड को 3-2 से हराया था। धोनी की कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड में चैंपियन्स ट्राफी और वेस्टइंडीज में त्रिकोणीय सीरीज भी जीती थी। भारत ने धोनी की कप्तानी में इससे पहले न्यूजीलैंड को 2010-11 में घरेलू सीरीज में 5-0 की क्लीन स्वीप की करारी शिकस्त दी थी। लेकिन धोनी अब अपने करियर में पहली बार 0-4 की क्लीन स्वीप के खतरे में फंस गए हैं।

 

पूर्व भारतीय आलराउंडर अजय जडेजा ने इस सीरीज में धोनी की कप्तानी में और उनके फैसलों पर हैरानी जताते हुए कहा है कि वह पहली बार ऐसा देख रहे हैं जब किसी प्रतिद्वंद्वी कप्तान ने वनडे सीरीज में भारतीय कप्तान को खेल के हर पहलू में मात दी है। इस सीरीज में धोनी का हर दांव अभी तक उल्टा पड़ा है चाहे वह लक्ष्य का पीछा करना हो या फिर लक्ष्य तय करना हो। हालांकि अपनी बल्लेबाजी में धोनी ने लगातार निरंतरता दिखाई है और वह भारत के सबसे सफल बल्लेबाज के तौर पर सामने आए हैं।

 

धोनी ने सीरीज के  चार मैचों में 40-56-50 और नाबाद 79 जैसी बेहतरीन पारियां खेली हैं और वह वनडे में आठ हजार रन पूरे करने से मात्र एक कदम दूर हैं। निचले मध्यक्रम में खेलने वाले धोनी यदि पांचवें मैच में एक रन बना लेते हैं तो वह सबसे तेज 8000 रन पूरे करने में दुनिया में चौथे स्थान पर पहुंच जाएंगे। पूर्व भारतीय कप्तान सौरभ गांगुली ने 200 पारियां खेलकर 8000 वनडे रन बनाए थे। सचिन तेंदुलकर 210 पारियों में और ब्रायन लारा 211 पारियों में इस उपलब्धि तक पहुंचे थे जबकि पांचवें-छठे नंबर पर खेलने वाले 32 वर्षीय धोनी 214 पारियों में यह उपलब्धि हासिल कर लेंगे।

 

वह सबसे तेज आठ हजार रन पूरे करने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज भी बन जाएंगे। बल्लेबाजी क्रम में इतना नीचे खेल इतनी तेजी से आठ हजार रन पूरा करना धोनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी क्योंकि अभी तक यह कारनामा सिर्फ चोटी के बल्लेबाज ही करते आए थे। लेकिन धोनी की निगाहें इस उपलब्धि से ज्यादा आखिरी मैच पर जीत हासिल करने पर लगी होंगी ताकि वह 0-4 के शर्मनाक रिकार्ड से बच सकें।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You