दूसरी नई गेंद से विकेट गंवाने महंगे पड़े: धोनी

  • दूसरी नई गेंद से विकेट गंवाने महंगे पड़े: धोनी
You Are HereSports
Sunday, February 09, 2014-5:42 PM

आकलैंड: भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का मानना है कि दूसरी नई गेंद से विकेट गंवाने और अंपायरों के कुछ गलत फैसलों ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में निर्णायक भूमिका निभाई। कीवी टीम ने आज यह मैच 40 रन से जीता। भारत ने नई गेंद से अजिंक्य रहाणे और रोहित शर्मा के विकेट गंवाए। आखिर में ये विकेट महत्वपूर्ण साबित हुए। रहाणे को ट्रेंट बोल्ट की गेंद पर पगबाधा आउट दिया गया जबकि गेंद बल्ले का किनारा लेकर पैड पर लगी थी।
 
धोनी ने मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘इस मैच को लेकर मेरी मिश्रित भावनाएं हैं। 85वें ओवर के आसपास हमने कुछ विकेट गंवाए और इस बीच एक फैसला (रहाणे) भी हमारे खिलाफ गया जिससे हमें 30-35 रन का नुकसान भी हुआ और यह मैच का अहम चरण था।’’ भारत ने विदेशों में खेले गए पिछले 11 में से दस टेस्ट मैच गंवाए हैं लेकिन धोनी ने कहा कि इस तरह के करीबी मैचों से खिलाडिय़ों को अच्छा अनुभव मिलता है।

उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह के करीबी मैच आपको तीन या चार टेस्ट मैचों को अनुभव दिला देते हैं। आपको सत्र दर सत्र लक्ष्य को कम करने की सीख मिलती है। उम्मीद है कि हमारे कई खिलाडिय़ों को इससे सीख मिली होगी।’’ धोनी ने कहा कि इस दौरे में कई अवसरों पर टीम अच्छी स्थिति में थी लेकिन वह इसे जीत में तब्दील नहीं कर पाई। उन्होंने कहा, ‘‘इस श्रृंखला में हम अच्छी स्थिति में भी रहे। वन डे में भी ऐसा हुआ लेकिन हम इसका फायदा नहीं उठा पाए। हम अब भी सीख रहे हैं और यदि दूसरे टेस्ट मैच में ऐसी स्थिति होती है तो हम उसका फायदा उठाएंगे।’’

चीनी अधिकारियों का कहना है कि बीजिंग में साल 2008 में ग्रीष्मकालीन ओलंपिक की मेजबानी करने वाले ‘बड्र्स नेस्ट’ स्टेडियम में शीतकालीन ओलंपिक का उद्घाटन समारोह होगा जबकि अल्पाइन स्कीइंग और कुछ स्लाइडिंग इवेंट बीजिंग और जांगजियाकोऊ के बीच स्थित पहाडियों में आयोजित होंगे। इस साल दोनों शहरों को जोडने के लिए हाई स्पीड रेलवे लाइन का काम शुरु होगा और यह 2017 तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद दोनों शहरों की यात्रा मात्र एक घंटे की रह जाएगी। बीजिंग के उप महापौर यांग जियाओचाओ ने कहा ‘2008 में हमने ओलंपिक का शानदार आयोजन किया था और अब हम शीतकालीन खेलों के आयोजन का सपना भी पूरा करना चाहते हैं।’

उन्होंने कहा ‘चीन में शीतकालीन खेलों का विकास नहीं हुआ है। इससे चीन में इन खेलों को बढावा मिलेगा।’ हालांकि उन्होंने इस बात खुलासा नहीं किया कि चीन इन खेलों पर कितना खर्च कर सकता है। खेल राजनीति पर नजर रखने वालों का कहना है कि चीन भविष्य में इन खेलों की मेजबानी हासिल करने के लिए काम कर रहा है। साल 2000 में सिडनी के हाथों पटखनी खाने के बाद उसने 2008 में ग्रीष्मकालीन खेलों की मेजबानी हासिल की थी।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You