रहाणे ने सचिन और द्रविड़ को समर्पित किया शतक

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Saturday, February 15, 2014-5:03 PM

वेलिंगटन: न्यूजीलैंड के खिलाफ शनिवार को अपना पहला टेस्ट शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज अजिंक्या रहाणे ने पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ को अपना शतक समर्पित किया। रहाणे ने सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए भी असाधारण पारी खेली और 118 रन बनाकर दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन भारतीय टीम के स्कोर को 438 पर पहुंचाने में मदद की।

रहाणे ने मैच के बाद कहा ‘द्रविड़ मेरे रोल मॉडल हैं और मैं उन्हें बचपन से देखता आ रहा हूं। मैंने टीम इंडिया में और राजस्थान रॉयल्स में भी उनके साथ खेला है। मैंने उनसे बहुत सीखा है और इसलिए मैं राहुल भाई को इसके लिए धन्यवाद देना चाहता हूं।’ भारतीय बल्लेबाज ने कहा ‘मैं सचिन पा जी को भी धन्यवाद करना चाहता हूं। उनके आखिरी दोनों टेस्टों में उन्होंने मुझे मेरी बल्लेबाजी के बारे में काफी कुछ सीखाया है। उन्होंने मुझे कहा था कि मुझे मेहनत करते रहना चाहिए और धैर्य रखना चाहिए। मैं दोनों भारतीय दिग्गजों को धन्यवाद करना चाहता हूं।’

रहाणे ने आखिरी बार डरबन में 96 रनों की अपनी सर्वश्रेष्ठ पारी खेली थी और वह केवल चार रन से अपने टेस्ट शतक से दूर रह गए थे। उन्होंने कहा ‘जब मैं 90 रन पर था और जहीर के साथ बल्लेबाजी कर रहा था तो मैंने शतक के बारे में नहीं सोचा था क्योंकि जब मैं दक्षिण अफ्रीका में खेल रहा था तो मैं 96 पर आउट हो गया था। उस समय मैं पहला टेस्ट शतक बनाना चाहता था।’

25 वर्षीय रहाणे ने कहा ‘इस बार मैं शतक के बारे में नहीं सोच रहा था। मैं एक बारी में एक गेंद खेलकर ज्यादा से ज्यादा रन बटोरना चाहता था क्योंकि हम पहले ही आठ विकेट गंवा चुके थे और जहीर बल्लेबाजी कर रहे थे। मैंने जहीर से कहा था कि मैं चार से पांच गेंदें खेलूंगा और आखिरी गेंदों पर सिंगल रन लूंगा। इससे मुझे काफी मदद मिली क्योंकि मैं उसके आगे के बारे में नहीं सोच रहा था।’

प्रथम श्रेणी क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले रहाणे ने 2011 में वन डे में पर्दापण किया था लेकिन लेकिन सचिन, वीरेंद्र सहवाग, द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण जैसे दिग्गजों की मौजूदगी के कारण उन्हें टेस्ट में खेलने का मौका नहीं मिल पाया। लेकिन शिखर धवन के चोटिल होने के कारण पहली बार रहाणे को गत वर्ष ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट टीम में शामिल किया गया जबकि दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर उन्हें छठे नंबर पर टेस्ट टीम में खेलने का मौका मिला। बल्लेबाज ने कहा ‘टेस्ट में शतक हमेशा अहम होता है। जब आप 96 पर भी आउट होते हैं तो उसे अद्र्धशतक ही कहा जाता है। इसलिए मैं टिककर रन बनाना चाहता था। मैं अपनी पारी से बहुत खुश हूं।’


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