‘भारत में खेलों के लिए धन, अत्याधुनिक उपकरण और कोचों की कमी’

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Tuesday, February 25, 2014-3:04 PM

भोपाल: भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के महानिदेशक जिजि थॉमसन ने अंतर्राष्ट्रीय खेलों में भारत के खराब प्रदर्शन के लिए धन, खेल संबधी अत्याधुनिक उपकरण, कोच और सक्षम लोगों की कमियों को दोषी ठहराया है। भोपाल स्थित साई केन्द्र में कल आधुनिक जिम-सह-योगा सेंटर का उद्घाटन करते हुए थॉमसन ने कहा, ‘‘हमारे पास बुनियादी ढाचें की कोई कमी नहीं है, लेकिन हम उनका उचित उपयोग नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि हमारे पास धन और खेलों के लिए अत्याधुनिक उपकरण की कमी होने के साथ-साथ पर्याप्त मात्रा में कोचों और सक्षम लोगों की कमी है।’’

थॉमसन ने बताया कि साई के पास वर्तमान में लगभग केवल एक हजार कोच हैं और जो कोच हैं भी उन्होंने अपने आप को अपग्रेड नहीं किया है। अच्छे कोचों की कमी है। थॉमसन ने बताया कि उन्होंने इग्लैंड में इस बात का अध्ययन किया कि खेलों में वे (इंग्लैंड) अच्छा प्रदर्शन कैसे करते हैं और पाया कि इंग्लैंड में हर वर्ष 25 हजार कोचों को तैयार किया जाता है, जो विभिन्न क्षेत्रों में डिप्लोमा लेते हैं और उसके बाद वे बिना वेतन पर खिलाडिय़ों को प्रशिक्षण देते हैं।

ये प्रशिक्षण देने वाले सामान्यत: डॉक्टर, पत्रकार, इंजीनियर और पुलिस अधिकारी होते हैं और अपने आसपास के क्लबों और स्टेडियमों से जुड़कर मुफ्त में प्रशिक्षण देते हैं, जबकि हमारे देश में कोच का कार्य रोजगार के रूप में किया जाता है।


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