...जब सचिन ने दी थी गांगुली को घर जाने की चेतावनी!

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Saturday, March 01, 2014-3:05 PM

नई दिल्ली: मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलर उस वक्त सौरव गांगुली से बहुत नाराज थे जब गांगुली ने सचिन को 2003-04 में वन डे मैचों में चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए कहा था। इसका खुलासा एक किताब में किया गया है। पिछले साल सन्यास लेने वाले सचिन और गांगुली ने जो 341 अंतर्राष्ट्रीय मैच एक साथ खेले, उनमें से 143 मैचों में गांगुली ने कप्तानी की।

गांगुली ने बताया कि मैंने सचिन से कुछ समय के लिए नंबर चार पर खेलने को कहा था। बाद में जब सचिन इस पर सहमत हो गए और इससे कोई परेशानी नहीं हुई तो ऐसा चलता रहा। जब 2003 विश्व कप में यह रणनीति नहीं चल पाई तो सचिन फिर से पारी का आगाज करने लगे।

गांगुली ने किताब 'सचिन तेंदुलकरः द मैन क्रिकेट लव्ड बैक' में और भी कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। गांगुली ने सचिन के गुस्से से दुनिया को परिचित भी कराया है और महेंद्र सिंह धोनी को निशाने पर भी लिया है। इस किताब में 'गिफ्ट्स, ऐपिटाइट, गेम सेंस ऐंड वेरी लिटिल बंगाल' टाइटल से गांगुली का लेख छपा है।

गांगुली ने 1997 वेस्ट इंडीज दौरे को याद करते हुए सचिन के गुस्से की बात कही है। सचिन अपनी टीम के खिलाड़ियों से बेहद नाराज थे। उन्होंने गांगुली को तो बीच दौरे से ही घर वापस भेज देने की चेतावनी दे दी थी। ये वाकया है हुआ बारबेडोस के तीसरे टेस्ट मैच के बाद जिस मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारत 38 रनों से शिकस्त दे दी थी। मुश्किल पिच पर 120 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया महज 81 रन पर ढेर हो गई थी।

गांगुली ने आगे लिखा है, 'अब इस कहानी को बताने का वक्त आ चुका है। जब सचिन को पता चला कि मैं अगले दिन सुबह दौड़ने नहीं गया तो वो गुस्से में आग-बबूला हो गया। उसने मुझसे ऐसी भाषा में बात की जिसे लिखा नहीं जा सकता। उसने कहा कि वो मुझे बीच दौरे से ही घर वापस भेज देगा और मैं अपने रवैये को सुधारूं वरना मेरा करियर जल्द ही खत्म हो जाएगा। घर भेजे जाने का डर मेरे अंदर जोश लाने के लिए काफी था। मैं कभी कोई रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाता। पर अगली सुबह से मैंने पूरे दिल से परिश्रम किया।'


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