'भारतीय मुक्केबाजी में अच्छे दिन की शुरूआत'

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Wednesday, October 19, 2016-1:30 PM

गुड़गांव: भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि भारत में इस खेल के लिए परेशानी का सबब बने आपसी कलह को नियंत्रित करना मुश्किल नहीं है और उन्हें पूरा विश्वास है कि वह अपने अनुभव के दम पर पूरी व्यवस्था का पेशेवर बनाने में सफल रहेंगे।

पिछले महीने बीएफआई अध्यक्ष चुने गए अजय सिंह ने कहा कि भारत में लगता है कि खेल में खिलाड़ियों से अधिक उसके प्रशासकों और राजनीतिज्ञों को तवज्जो मिलती है। इसलिए मुझे लगा कि इसमें पेशेवरपन लाना उपयोगी होगा। मुझे लगता है कि मुक्केबाजी में इसकी एक कोशिश की जा सकती है। उन्होंने कहा कि इसलिए विचार यह है कि मुक्केबाजी को जितना संभव हो सके पेशेवर बनाना है। मैं अपनी तरफ से ईमानदार प्रयास करूंगा। पिछले 4 वर्षों में भारतीय मुक्केबाजी के लिए चीजें बहुत खराब रही और इसलिए मैं अपनी तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगा। मैं यही कह सकता हूं। 

अजय ने कहा कि मेरे यहां कुछ भी हित नहीं जुड़े हैं। यह खेल फले फूले इस संतुष्टि के अलावा मुझे इससे कुछ भी हासिल करने की जरूरत नहीं है। मैं कारपोरेट हूं या पेशेवर के हिसाब से आप जो कुछ भी कहना चाहें। मैं वास्तव में अंदरूनी कलह की परवाह नहीं करता। यह मायने नहीं रखता। जो कुछ हुआ वह बीता हुआ समय है। हमें आगे बढऩे और जितना संभव हो सर्वश्रेष्ठ व्यवस्था तैयार करने की जरूरत है। सफल व्यवसायी अजय सिंह ने कहा कि उन्होंने रियो ओलिंपिक में भारत के लचर प्रदर्शन को देखने के बाद खेल प्रशासन में उतरने का फैसला किया। भारत ने रियो खेलों में केवल एक रजत और एक कांस्य पदक जीता था।  


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