टूर्नामैंटों के खत्म होने से तनाव में पड़े भारतीय खिलाड़ी 

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Tuesday, October 25, 2016-3:08 PM

पुणे: भारतीय टैनिस खिलाड़ी इन दिनों काफी तनाव में हैं क्योंकि चैलेंजर और फ्यूचर्स दोनों टैनिस टूर्नामैंटों की संख्या में काफी तेजी से गिरावट आई है जिससे उनके लिए इस कठिन सर्किट पर उनकी जिदंगी और मुश्किल हो गई है।   

वर्ष 2015 के सत्र में भारत ने 19 पुरूष आईटीएफ फ्यूचर्स और 16 महिला आईटीएफ टूर्नामैंट की मेजबानी की थी लेकिन इस साल पुरूषों को अभी तक केवल 6 ही टूर्नामैंट मिले हैं जबकि यहां पुणे में महिलाओं के लिए चल रहा 10,000 डालर ईनामी राशि का टूर्नामैंट इस साल का तीसरा टूर्नामैंट है। भारत ने 2015 में 4 एटीपी चैलेंजर्स की मेजबानी की थी लेकिन इस साल 8 महीनों में केवल दो -दिल्ली ओपन और पुणे चैलेंजर- ही टूर्नामैंट हो सके हैं।

इससे उन खिलाडिय़ों की प्रगति पर काफी असर पड़ा है जो एकल में शीर्ष 200 से बाहर हैं। सर्किट में खेल रहा हर खिलाड़ी इससे चिंतित है क्योंकि घरेलू टूर्नामैंट के नहीं होने से उन्हें प्रतियोगिताओं के लिए भारत के बाहर यात्रा करने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है जिससे उनका काफी पैसा खर्च हो जाता है।  एन श्रीराम बालाजी ने कहा कि किसी भी प्रायोजक के बिना मेरे जैसे मध्य वर्गीय परिवार से आने वाले खिलाड़ी के लिए बहुत मुश्किल होती है। जर्मनी में लीग खेलने से मेरी थोड़ी मदद तो हुई है। 


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