दोहा में हमने लिखा नया अध्याय: छेत्री

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Sunday, November 06, 2016-3:46 PM

दोहा: देश के स्टार फुटबालर और बेंगलुरू एफसी के कप्तान सुनील छेत्री ने एएफसी कप फाइनल में मिली हार के बाद कहा कि यह उनके करियर का सबसे अहम मुकाबला था और उन्हें भरोसा है कि हारने के बावजूद उम्मीदें कायम रहेंगी।  भारतीय राष्ट्रीय फुटबाल टीम के लिए 91 मैचों में खेल चुके छेत्री की कप्तानी में बेंगलूर एफसी को यहां शनिवार को एएफसी कप फाइनल में इराकी क्लब एयर फोर्स के हाथों 0-1 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी। हालांकि उसने टूर्नामैंट के फाइनल में क्वालीफाई करने वाले पहले क्लब का गौरव हासिल किया।  

स्टार स्ट्राइकर ने मैच के बाद कहा कि हम भले ही मैच हार गए हों लेकिन हमारी उम्मीदें खत्म नहीं होंगी। हमने दिखाया कि हम क्या कर सकते हैं। इसके बाद प्रत्येक भारतीय क्लब अपनी कमियों से उबरने का प्रयास करेगा। देश में हमारे प्रयास के बाद उम्मीद बंधी है। हमारा देश 1.3 अरब लोगों का है और उनकी हमसे आकांक्षाएं बढ़ी हैं। 

भारतीय टीम के लिए 51 गोल कर चुके छेत्री ने माना कि बेंगलुरू एफसी की उपलब्धि के बाद बाकी के क्लबों का भी मनोबल बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि देश के बाकी क्लबों का बेंगलुरू एफसी ने हौंसला बढ़ाया है और अब वे भी रूकावटों को तोड़कर आगे बढ़ेंगे। हो सकता है कि अगले वर्ष हम किसी अन्य भारतीय क्लब को इस स्तर तक आता देखें।
 


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