
मुजफ्फरनगर और हरियाणा से सटे सीमावर्ती क्षेत्र के ये मूल निवासी हैं। इनका माडस आपरेंडी बावरियों की तरह ही है लेकिन ये उनसे भी ज्यादा खूंखार प्रवृत्ति के होते हैं। ये जहां हाथ डालते है, वह घर या परिवार तबाह हो जाता है। रेकी करने को भीख मांगने के साथ ही फेरी भी लगाते हैं।