
विदेशी फंडों की सतत लिवाली और मुद्रास्फीति में अभी गिरावट से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद पर बीते सप्ताह लगातार सातवें हफ्ते बढत लेकर छह महीने के रिकार्ड स्तर तक चढे शेयर बाजार की चाल आगे घरेलू कारकों की बजाए विदेशों से मिलने वाले संकेतों पर टिके रहने की संभावना है।