यूपी में नींबू और आलू की मदद से पैदा की बिजली

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Wednesday, January 08, 2014-2:24 PM

अबेडकरनगर: उत्तर प्रदेश के अबेडकरनगर जिले के एक कालेज के दो छात्रों ने आलू और नींबू से बिजली पैदा कर अविश्वसनीय काम कर दिखाया है। रामकुमार पांडेय ग्रामोदय कालेज सया के बीएससी के छात्र सन्तोष कुमार पांडेय और परितोष मिश्रा ने इन दोनों फलों से बिजली पैदा कर बल्ब जलाने का हैरतअंगेज कारनामा कर दिखाया। कालेज की स्थापना के रजत जयंती समारोह में लगायी प्रदर्शनी में इन दोनों छात्रों ने इसका माडल भी पेश किया। बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्र सन्तोष कुमार पांडेय ने आज  बताया कि यह रिडाक्स प्रक्रिया पर आधारित है। माडल के निर्देशक डा. अनुपम पांडेय ने बताया कि जब किसी रसीले फल में तांबे और जिंक की कील लगाते हैं तो वह कील इलेक्ट्रोड का कार्य करती है। फल का रस इलेक्ट्रोलाइट का कार्य करता है।

दोनों इलेक्ट्रोड को तांबे के तार से जोडकर किसी बल्ब में लगा दिया जाता है तो यह बल्ब कुछ देर के लिए जल जाता है डा.पांडेय ने बताया कि तांबे और जिंक की कील चूंकि तार के माध्यम से जोडी जाती है इससे सेल पूरा हो जाता है और बल्ब को जला देता है। प्रदर्शनी में बीएससी की ही छात्रा सुधा का माडल भी खूब सराहा गया। सुधा ने शीशे के एक जार में बिना मिट्टी डाले आम के एक पौधे को महीनों से जीवित रखा है। जार में केवल पानी और कुछ रासायनिक पदार्थ डाले गये हैं। इससे पौधे को जीवत रहने के लिए आवश्यक तत्व मिलते रहते हैं। सुधा ने बताया कि जो लोग अपने घरों को मिट्टी से बचाते हुए हरा भरा रखना चाहते हैं उनके लिए यह माडल काफी उपयोगी है। एक अन्य माडल में मोबाइल की खराब बैट्री से बिजली पैदा करने की तकनीक विकसित कर दिखाया गया। कालेज के प्राचार्य डा.राकेश चन्द्र ने कहा कि छात्रों ने एक सिद्धान्त दिया है इसे अब व्यावसायिक ²ष्टि से आगे बढ़ाने की जिमेदारी सरकार और अन्य संवैधानिक संगठनों पर है। प्रदर्शनी में कई और मनमोहक माडल पेश किये गये थे जिसकी खूब सराहना हुई।

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