अब Artificial हाथ भी महसूस करेगा स्पर्श

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Friday, February 07, 2014-2:31 PM

न्यूयार्क: प्रौद्योगिकी की दुनिया में पहली बार ऐसा कृत्रिम हाथ विकसित किया गया है, जो वास्तविक हाथ की तरह स्पर्श महसूस कर सकेगा। डेनमार्क के डेनिस आबो सोरेनसन ने नौ साल पहले एक दुर्घटना में आपना बांया हाथ खो दिया था। लेकिन आज वह उन शोधकर्ताओं के शुक्रगुजार हैं, जिन्होंने उनकी बांह के साथ इलेक्ट्रोकोड और स्पर्श संवेदी युक्त कृत्रिम हाथ जोड़ दिया है। यह कृत्रिम हाथ उनके शरीर की जीवित तंत्रिकाओं के साथ सामंजस्य बिठाकर काम करता है। अब सोरेनसन अपने कृत्रिम हाथ से भी अलग-अलग वस्तुओं को मुट्ठी में लेकर महसूस कर सकते हैं।

 

पत्रिका साइंस ट्रांसलेशन मेडिसीन में प्रकाशित लेख के अनुसार, सोरेनसन ने कहा, ‘‘मैं अब उन सभी चीजों को छू सकता हूं और महसूस कर सकता हूं, जिनका स्पर्श नौ वर्षों में भुला चुका था।’’ सोरेनसन पहले व्यक्ति हैं, जिनको यह विकसित कृत्रिम हाथ लगाया गया है। यदि सोरेनसन को लगाया गया यह हाथ लंबे समय तक उपयोगी और सिद्ध होता है, तो कृत्रिम अंगों की दुनिया में यह एक बड़ी क्रांति साबित होगी और कृत्रिम अंगों के उपयोगकर्ताओं के लिए हितकारी होगी।

 

शोधकर्ताओं ने कहा कि अभी नई तकनीक पर काम चल रहा है। अभी सिर्फ एक ही व्यक्ति को इस विकसित तकनीक का लाभ मिला है। इसके अलावा पूरी तरह सुरक्षित और उपयोगी उपकरण के रूप में इस कृत्रिम हाथ को त्वचा के साथ स्थायी रूप से जोडऩे की जरूरत होगी और इसे इतना सक्षम बनाना होगा कि यह लंबे समय तक काम कर सके।


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