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वर्ष 2016 के मार्स लैंडर के लिए अमेरिका व फ्रांस के बीच समझौता

  • वर्ष 2016 के मार्स लैंडर के लिए अमेरिका व फ्रांस के बीच समझौता
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Tuesday, February 11, 2014-10:13 AM

वॉशिंगटन: मंगल पर एक प्रोब और लैंडर भेजने की यूरोपीय सांझेदारी से नासा के पीछे हटने के दो साल बाद अमेरिका और फ्रांस ने नए मंगल अभियान पर सहयोग करने का फैसला किया है। इस परियोजना का लक्ष्य पृथ्वी के पड़ोसी सूखे और धूल भरे ग्रह की आंतरिक स्थित का अध्ययन करने के लिए मानवरहित लैंडर भेजने का है।

इसका नाम इनसाइट होगा जो कि इंटीरियर एक्सप्लोरेशन यूजिंग सिस्मिक इंवेस्टिगेशन्स, जियोडिसी एंड हीट ट्रांसपोर्ट का संक्षिप्त नाम है। इस समझौते पर नासा के प्रबंधक चार्ल्स बोल्डेन और नेशनल सेंटर ऑफ स्पेस स्टडीज ऑफ फ्रांस के अध्यक्ष ज्यां-यवेस ले गाल ने वॉशिंगटन स्थित मंदारिन होटल में हस्ताक्षर किए। यह अभियान मार्च 2016 में शरू होगा और छह माह बाद यह मंगल पर पहुंचेगा।

बोल्डेन ने कहा, ‘‘इस सहयोगात्मक अभियान में किए गए शोध से हमारी एजेंसियों को मंगल के निर्माण से जुड़ी ज्यादा सूचनाएं मिल सकेंगी, जो हमें पृथ्वी की उत्पत्ति के बारे में समझने में मदद कर सकेंगी।’’ इस अभियान के वैज्ञानिक उपकरणों के लिए सहयोग करने वालों में जर्मन एयरोस्पेस सेंटर, यूनाइटेड किंगडम स्पेस एजेंसी और स्विस स्पेस ऑफिस भी शामिल हैं।

दो साल पहले नासा ने बजट की सीमाओं को देखते हुए एक्सोमार्स नामक परियोजना पर यूरोप के साथ सांझेदारी खत्म कर ली थी।  मंगल के अध्ययन के लिए नासा के दो रोवर कार्यरत हैं। इनमें एक रोवर 2012 में भेजा गया क्यूरोसिटी रोवर है और दूसरा छोटा ऑपच्र्युनिटी रोवर है, जिसे काम करते हुए 10 साल हो चुके हैं।
 

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