शुभ कामों के लिए सवर्श्रेष्ठ मुहूर्त आरंभ, 450 साल बाद दोबारा बनेगा यह विरला संयोग 

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Saturday, October 01, 2016-9:53 AM

शनिवार दिनांक 01.10.16 को पितृ-पक्ष की समाप्ति के साथ ही आदिशक्ति का महापर्व नवरात्र प्रारम्भ हो जाएगा। यह शारदीय नवरात्र पर्व शनिवार दिनांक 01.10.16 से प्रारम्भ होकर सोमवार दिनांक 10.10.16 तक रहेंगे। वर्ष 2016 में प्रतिपदा तिथि दो दिन होने के कारण नवरात्र नौ दिन की बजाय 10 दिन रहेंगे। समान्यतः नवरात्र नौ दिन का पर्व होता है परंतु वर्ष 2016 में भक्तों पर देवी की कृपा अधिक बरसेगी अर्थात इस वर्ष नवरात्री के पावन दिन 9 से बढ़कर 10 हो गए हैं। 


शास्त्रनुसार नवरात्र के दौरान दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा करने का विधान है। शारदीय नवरात्र आते ही जनसमुदाय में भक्ति व आस्था का संचार होगा साथ-साथ नवरात्र शुभ काम के आरंभ हेतु सवर्श्रेष्ठ मुहूर्त भी माना गया है।


अति विशिष्ट योग: वर्ष 2016 के शारदीय नवरात्र में तृत्या तिथि दो दिन होने से देवी चंद्रघंटा की उपासना दो दिन तक होगी। ऐसा विशिष्ट योग 427 साल बाद बना है जब पितृपक्ष में 1 दिन कम होकर तृत्या में वृद्धि होने से नवरात्र दस दिन पूजे जाएंगे। इससे पूर्व अति विरला संयोग 1589 में बना व इसके बाद यह विरला संयोग साढ़े चार सौ साल बाद बनेगा। 


25 वर्ष पूर्व वर्ष 1991 में भी अश्विन नवरात्र दस दिन के हुए थे, तब षष्टी तिथि दो दिन विद्यमान थी। इस वर्ष 1 अक्तूबर को प्रतिपदा, 2 अक्तूबर को द्वितीया, 3 अक्तूबर व 4 अक्तूबर को तृतीया, 5 अक्तूबर को चतुर्थी, 6 अक्तूबर को पंचमी, 7 अक्तूबर को षष्ठी, 8 अक्तूबर को सप्तमी, 9 अक्तूबर को अष्टमी व 10 अक्तूबर को नवमी मनाई जाएगी।


आचार्य कमल नंदलाल
ईमेल: kamal.nandlal@gmail.com

 

Edited by:Aacharya Kamal Nandlal

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