बाबा रामदेव की पंतजलि को झटका, च्यवनप्राश के विज्ञापन पर लगी रोक

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Friday, September 08, 2017-1:07 PM

नई दिल्लीः बाबा रामदेव के साबुन पर रोक लगने के बाद अब पतंजलि के च्यवनप्राश के विज्ञापन पर भी रोक लगा दी गई है। दिल्ली हाई कोर्ट ने बाबा राम देव की पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड को च्यवनप्राश के विज्ञापन को प्रकाशित या प्रसारित करने से रोक दिया है। यह कार्रवाई प्रतिद्वंद्वी डाबर की उस शिकायत पर की गई है जिसमें उसने कहा था कि पतंजलि के विज्ञापन में उसके ब्रैंड को नीचा दिखाया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्त सी हरी शंकर की खंडपीठ ने अंतरिम आदेश में आयुर्वेदिक फर्म पतंजलि को किसी भी प्रकार से विग्यापनों को प्रसारित करने पर रोक लगा दी है।

आदेश के मुताबिक अगली सुनवाई 26 सितंबर तक यह रोक जारी रहेगी। इसके साथ ही पीठ ने पंतजलि आयुर्वेद लिमिटेड को नोटिस जारी कर डाबर इंडिया की याचिका पर अपना रुख स्पष्ट करने के लिए कहा है। डाबर इंडिया ने पतंजलि से क्षतिपूर्त के रूप में 2.01 करोड़ रुपये की मांग भी की है।

डाबर इंडिया ने एकल पीठ के एक सितंबर के आदेश के खिलाफ याचिका दायर की है। एकल पीठ ने डाबर की उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें पतंजलि के विज्ञापन का प्रसारण रोकने की अपील की गई थी। च्यवनप्राश से पहले पतंजलि के सरसों तेल वाले विज्ञापन के खिलाफ भी तेल तिलहन इंडस्ट्री ने शिकायत की हुई है। तेल-तिलहन इंडस्ट्री का आरोप है कि विज्ञापन में पतंजलि को छोड़ अन्य सरसों तेल के उत्पादन को लेकर गलत जानकारी दी जा रही है।

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