पंच महोत्सव: मेन गेट के पास सजाएं ये सामान, धन से लेकर सेहत तक रहेंगे हरे भरे

  • पंच महोत्सव: मेन गेट के पास सजाएं ये सामान, धन से लेकर सेहत तक रहेंगे हरे भरे
You Are HereVastu Shastra
Monday, October 24, 2016-10:09 AM

वास्तुशास्त्र के अनुसार मुख्यद्वार चाहे घर का हो या कार्य स्थान का दोनों व्यक्ति के जीवन में अहम स्थान रखते हैं। पुरानी मान्यता के अनुसार ऐसे भवन जिनमें चौखट या दहलीज न हो, उसे बड़ा अशुभ संकेत मानते थे। मान्यता है कि मां लक्ष्मी ऐसे घर में प्रवेश ही नहीं करतीं जहां प्रवेश द्वार पर चौखट न हो। पौराणिक भारतीय संस्कृति व परम्परानुसार मेन गेट को कलश, नारियल व पुष्प, अशोक, केले के पत्तर से या स्वास्तिक आदि से अथवा उनके चित्रों से सुसज्जित करना चाहिए।


दीपों का त्यौहार आने से पहले साफ-सफाई पर विशेष बल दिया जाता है। जिससे की देवी लक्ष्मी प्रसन्न होकर हमारे घर में प्रवेश करें और फिर कभी हमारा बसेरा छोड़ कर न जाएं। पंच महोत्सव से पूर्व कुछ ऐसी चीजें हैं, जिन्हें मेन गेट के पास सजाने से देवी लक्ष्मी तो आकर्षित होती हैं, साथ में धन से लेकर सेहत तक हरे भरे रहते हैं।     


* लक्ष्मी जी हमारे घर में रूकें इसलिए हम प्रतिवर्ष उनकी विशेष पूजा-उपासना करके उन्हें प्रसन्न करते हैं ताकि हमारा घर वर्ष भर समृद्धि से परिपूर्ण रहे। दीपावली की रात्रि को धन-संपदा की प्राप्ति हेतु लक्ष्मी के पूजन का विधान है। ऐसा माना जाता है कि दीपावली की रात लक्ष्मी जी घर में आती हैं इसलिए लोग दहलीज से लेकर घर के अंदर जाते हुए लक्ष्मी जी के पांव बनाते हैं। इसी मान्यता के चलते हम लक्ष्मी जी को स्थाई करने हेतु घर में लक्ष्मी जी के चरणों का प्रतीक लक्ष्मी चरण पादुका स्थापित करते हैं।


लक्ष्मी चरण पादुका जहां भी स्थापित कि जाती है वहां से समस्याओं का नाश होता है। इसकी स्थापना से धनाभाव खत्म होकर स्थाई धन संपत्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। इसे मकान, दुकान, आफिस या कहीं भी दरवाजे पर चिपकाना भी शुभ होता है। अष्ठ धातु से निर्मित यह चरण पादुका सुख-समृद्धि हेतु निश्चित ही उपयोगी सामग्री है। 


* पूर्व अथवा उत्तर दिशा में बड़े से बर्तन में पानी भरकर उसमें खुशबूदार फूल डाल कर  सजाएं। प्रतिदिन सुबह पानी और फूल बदलते रहें।



* अशोक के पत्तों अथवा आम, पीपल एवं कनेर के पत्तों को एक धागे से बांधकर उसका तोरण बनाकर मकान के मुख्य द्वार पर लटकाने से घर में सुख सम्पन्नता के साथ-साथ धनवृद्धि तथा मन की शांति प्राप्त होती है।


* कमल के फूल पर बैठी मुद्रा में विराजित महालक्ष्मी स्वरूप चित्रपट अथवा प्रतिमा के रूप में विराजित करें।


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