गणेशोत्सव के आखिरी बुधवार, तिजोरी में रखें गणेश जी की खास प्रतिमा

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Tuesday, September 13, 2016-2:56 PM

5 सितंबर से गणेशोत्सव का आरंभ हो चुका है, जो 15 सितंबर तक चलेगा। ये गणपति बप्पा के प्रिय दिन हैं। माना जाता है कि इन दिनों में भक्तों के सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। श्रद्धालु भी पूरे श्रद्धा भाव से गणेश जी को घर लाकर स्थापित करते हैं और फिर नम आंखों से उनको विदाई देते हैं। 14 सितंबर को गणेशोत्सव का आखिरी बुधवार है। बुधवार का दिन भी बप्पा के प्रिय दिनों में से एक है, अत: ये दिन भी गजानन को समर्पित है। कल बप्पा की खास प्रतिमा को तिजोरी में रखें-

 

श्री गणेश ही देवताओं के मूल प्रेरक हैं । श्रीगणेश ही सर्व देवगणों में अग्रणी माने जाते हैं तथा उनके पृथक-पृथक स्वरूप व नामों का उल्लेख भी धार्मिक साहित्य में मिलता है परंतु क्या आप जानते हैं कि भगवान श्रीगणेश जी के कुछ विशिष्ट स्वरूपों का वास्तुशास्त्र में अत्यधिक महत्व है या दूसरे शब्दों में कहें कि श्री गणपति ही स्वयं में संपूर्ण साकार वास्तु विज्ञान हैं। 

 

श्वेतार्क गणेश जी की प्रतिमा को तिजोरी में स्थान देंगे तो धन-दौलत से भर जाएगा आपका घर-संसार। मुद्गल पुराण के अनुसार श्वेतार्क गणपति की पूजा सर्वश्रेष्ठ मानी गई है। श्वेतार्क गणपति के पूजन से जीवन में भौतिक सुख एवं समृद्धि का प्रवाह होता है। श्वेतार्क को मदार या आक भी कहते हैं। ये दो प्रकार के होते हैं। शिव जी को अति प्रिय हैं। इसमें गणेशजी का वास कहा जाता है। तांत्रिक क्षेत्र में विशेष माना है। इसकी जड़ शुभ मुहूर्त में विधिपूर्वक पूजा करके घर में रखा जाए तो विशेष हितकारी होता है। 

 

श्वेतार्क गणेश जी बप्पा का प्राकृतिक व चमत्कारी स्वरूप है। कहते हैं जिस घर में प्रतिदिन सभी पारिवारिक सदस्य मिलकर आंकड़े के गणपति स्वरूप का पूजन करते हैं उस घर में दरिद्रता, रोग एवं परेशानियां कभी प्रवेश नहीं कर सकती।

 


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