महाभारत मैं हो जाऊं

Edited By Seema Sharma,Updated: 05 Sep, 2019 11:27 AM

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महाभारत मैं हो जाऊं जो बनना हो इतिहास मुझे

महाभारत मैं हो जाऊं
जो बनना हो इतिहास मुझे
तो महाभारत मैं हो जाऊँ
पांडव कौरव में भेद नहीं मैं किरदारों में ढल जाऊं
जो मोह त्याग की बात चले
मैं भीष्म पितामह हो जाऊं
सत्यवती शांतनु करें मिलन
मैं ताउम्र अकेला रह जाऊं
जो पतिव्रता ही बनना हो
मैं गांधारी बन आ जाऊं
फिर अंधियारा मेरे हिस्से हो
मैं नेत्रहीन ही कहलाऊं
जो गुरू दक्षिणा देनी हो तो
एकलव्य मैं हो जाऊं
बस मान गुरू का रखने को
अंगूठा अपना ले आऊं
बात हो आज्ञा पालन की
तो द्रोपदी सी हो जाऊं
मान बड़ा हो माता का
मैं हिस्सों में बांटी जाऊं
जब बात चले बलिदानों की
तब पुत्र कर्ण मैं हो जाऊं
तुम राज करो सिंहासन
लो मैं सूत पुत्र ही कहलाऊं
प्रतिशोध मुझे जो लेना हो तो
शकुनि बन के आ जाऊँ
मोहपाश का पासा फेंकूँ
और पूरा वंशज खा जाऊँ
जो जिद्दी मैं बनना चाहूं
क्यों ना दुर्योधन हो जाऊं
पछतावा न हो रत्ती भर
मैं खुद मिट्टी में मिल जाऊं
बात धर्म और सत्य की हो
मैं वही युधिष्ठिर हो जाऊं
हो यक्ष प्रश्न या अश्वत्थामा
मैं धर्मराज ही कहलाऊं
आदर्श व्यक्ति की व्याख्या हो
बिन सोचे अर्जुन हो जाऊं
पति, पिता या पुत्र, सखा पहचान
मैं अर्जुन सी पाऊं
तुम बात करो रणनीति की
मैं कृष्ण कन्हैया हो जाऊं
बिन बाण, गदा और चक्र लिए
मैं युद्ध विजय कर दिखलाऊं
अमित 'मौन'

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