बच्चों के हाथों में बंदूकें अमरीका में जानलेवा ‘गन कल्चर’ जारी

Edited By ,Updated: 16 Jun, 2022 04:00 AM

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विश्व के खुशहाल देशों में गिने जाने के बावजूद अमरीका में गोलीबारी तथा ङ्क्षहसा लगातार बढ़ रही है। स्थिति की गंभीरता का अनुमान तो इसी से लगाया जा सकता है कि इस वर्ष अभी तक अमरीका में..

विश्व के खुशहाल देशों में गिने जाने के बावजूद अमरीका में गोलीबारी तथा ङ्क्षहसा लगातार बढ़ रही है। स्थिति की गंभीरता का अनुमान तो इसी से लगाया जा सकता है कि इस वर्ष अभी तक अमरीका में सामूहिक गोलीबारी की 200 से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं जबकि स्कूलों में ही गोलीबारी की 27 घटनाएं हुई हैं। 

इनमें सबसे बड़ी घटना इस वर्ष 24 मई को दक्षिण टैक्सास प्रांत के ‘उवाल्डे’ गांव के ‘रॉब एलीमैंट्री स्कूल’ में हुई, जब  ‘साल्वाडोर रामोस’ नामक 18 वर्षीय युवक ने दूसरी से चौथी तक कक्षा के 19 छात्रों तथा 2 अध्यापकों समेत 21 लोगों को एक कमरे में बंद करके मौत के घाट उतारने के अलावा अनेक बच्चों सहित 17 अन्य लोगों को घायल कर दिया। इसके अलावा मात्र पिछले एक सप्ताह के भीतर ही अमरीका में गोलीबारी की निम्र घटनाएं हो चुकी हैं : 

* 7 जून को फ्लोरिडा में एक 10 वर्षीय बच्ची ने अपनी मां के बैग से पिस्तौल निकाल कर एक महिला की गोली मार कर हत्या कर दी।
* 10 जून को मैरीलैंड के स्मिथ्सबर्ग में एक कारखाने में गोलीबारी की घटना में 3 लोगों की मौत तथा 3 अन्य घायल हो गए।
* और अब 13 जून को अमरीका के लास एंजल्स, साऊथ अल्बानी, साऊथ इंडियाना तथा कैलीफोर्निया के सैन जोस में गोलीबारी की विभिन्न घटनाओं में 11 लोगों की मौत तथा 20 से अधिक लोग घायल हो गए। 

गोलीबारी की ये घटनाएं अमरीका में ऐसे समय में हो रही हैं जब एक ओर देश की संसद में बंदूक हिोंसा के विरुद्ध कठोर दंड प्रावधान लाने पर विचार किया जा रहा है तथा दूसरी ओर अमरीका में फैल रही बंदूक संस्कृति के विरुद्ध असंतोष बढ़ जाने के कारण देशव्यापी प्रदर्शन हो रहे हैं। 11 जून को देश के 300 शहरों में प्रदर्शन किए गए जिनमें शामिल लोगों का नारा था ‘अब और नहीं’। 

अमरीका में बंदूकों का इस्तेमाल रोकने को लेकर काफी समय से बहस जारी है, पर अभी तक इसमें सफलता नहीं मिली क्योंकि अमरीकी संसद में मौजूद रिपब्लिकन पार्टी के सदस्य इन प्रयासों को हर बार नाकाम कर देते हैं। अमरीका की बेहद मजबूत गन लॉबी रिपब्लिकन पार्टी को सपोर्ट करती है तथा इसे चंदे के रूप में भारी धनराशि भी देती है। वहां बंदूकों पर रोक न लग पाने का यह सबसे बड़ा एक कारण है। 

अमरीका में गत कुछ समय के दौरान हुई सामूहिक नरसंहार की घटनाओं के बाद डैमोक्रेटिक पार्टी तथा रिपब्लिकन पार्टी के 10-10 सांसद इन दिनों संसद में बैठ कर गन पॉलिसी पर विचार-विमर्श कर रहे हैं तथा गत सप्ताह बंदूक नियंत्रण की दिशा में सीमित परंतु महत्वपूर्ण सहमति की ओर बढ़े हैं। नेताओं का मानना है कि इस मुद्दे पर इस महीने के अंत तक किसी कानून पर सहमति बन सकती है। इसमें प्रतिबंध लगाने वाले कानून बनाने के लिए राज्यों को आर्थिक सहायता देना तथा उस कानून को अमली जामा पहनाना शामिल होगा, जिसके अंतर्गत ङ्क्षहसा में संलिप्त होने वाले लोगों से अस्थायी तौर पर बंदूकें ली जा सकेंगी। 

डैमोक्रेटिक पार्टी यह भी चाहती है कि घरेलू हिंसा में संलिप्त पुरुषों और निराश प्रेमियों आदि को भी बंदूकें खरीदने की अनुमति न दी जाए क्योंकि कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें पतियों या प्रेमियों ने अपनी पत्नियों या प्रेमिकाओं की जान बंदूकों से ली है। बंदूक खरीदने के लिए कम से कम आयु 19 की बजाय 21 वर्ष करने, बंदूक बेचने से पहले खरीदने वाले का मनोवैज्ञानिक परीक्षण, ऑटोमैटिक राइफलें न बेचने जैसे मुद्दों के अलावा अन्य बातों पर सहमति होने की उम्मीद नहीं लगती, क्योंकि अमरीका के अधिकतर लोग बंदूक रखने को अपना अधिकार मानते हैं। 

देश में बढ़ रही ‘बंदूक संस्कृति’ और आसानी से हथियारों की उपलब्धता का दुष्परिणाम दुखद घटनाओं के रूप में निकल रहा है। अत: बाइडेन प्रशासन को इस मुद्दे पर दबाव बनाए रखना होगा। यदि बंदूक खरीदने के उदार नियम इसी तरह जारी रहे तो अमरीका में गोलीबारी की घटनाएं लगातार होती रहेंगी। इससे उन लोगों के बीच भय और असुरक्षा की भावना पैदा होगी जिनके पास बंदूकें नहीं हैं और इसके परिणामस्वरूप समाज में अव्यवस्था फैलेगी।—विजय कुमार

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