GST से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक में 4 बड़े फेरबदल

Edited By ,Updated: 01 Aug, 2016 07:09 PM

GST Rajya Sabha

वस्तु व सेवा कर (जी.एस.टी.) लागू करने के लिए जरूरी संविधान संसोधन विधेयक पर बुधवार को राज्यसभा में चर्चा होगी। तमाम राजनीतिक

नई दिल्लीः वस्तु व सेवा कर (जी.एस.टी.) लागू करने के लिए जरूरी संविधान संसोधन विधेयक पर बुधवार को राज्यसभा में चर्चा होगी। तमाम राजनीतिक दलों और राज्यों के साथ विचार-विमर्श के बाद केंद्र सरकार ने विधेयक में मुख्य तौर पर 4 प्रस्तावों में फेरबदल की योजना बनाई है।

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राज्यसभा में अगर सबकुछ ठीक रहा तो इस हफ्ते संसद से जी.एस.टी. लागू करने के लिए जरूरी संविधान संशोधन विधेयक पर मुहर लग जाएगी। राजनीतिक सहमति बनाने के मकसद से मूल विधेयक में कई फेरबदल लाने की योजना में जिसमें से प्रमुख 4 कुछ इस तरह हैः
 
* 1 फीसदी अतिरिक्त कर हटाने का प्रस्ताव होगा। मूल विधेयक में मैन्युफैक्चरिंग राज्यों को फायदा पहुंचाने के मकसद से 3 वर्षों तक राज्यों के बीच होने वाले व्यापार पर 1 फीसदी की दर से अतिरिक्त टैक्स लगाने का प्रस्ताव था।
* जी.एस.टी. लागू होने के बाद किसी तरह के नुकसान की सूरत में 5 सालों तक शत प्रतिशत मुआवजा दिया जाएगा। मूल विधेयक में पहले 3 साल तक 100 फीसदी, चौथे साल में 75 फीसदी और पांचवे साल में 50 फीसदी भरपाई का प्रस्ताव था।
* विवाद सुलझाने की नई व्यवस्था बनेगी जिसमें राज्यों की आवाज बुलंद होगी। पहले विवाद सुलझाने की व्यवस्था मतदान पर आधारित थी जिसमें 2 तिहाई मत राज्यों और एक तिहाई केंद्र के पास होगा।.
* एक नए प्रस्ताव के जरिए जी.एस.टी. दर का ऐसा मूल सिद्धांत लाया जाएगा जो राज्यों के साथ-साथ आम लोगों को नुकसान नहीं होने का भरोसा देगा।
 
वैसे संविधान संशोधन विधेयक पर चर्चा मंगलवार को होनी थी लेकिन वाराणसी में कांग्रेस अध्याक्षा सोनिया गांधी की रैली और उसमें वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के शामिल होने की वजह से इसे बुधवार तक टाल दिया गया।

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