Edited By jyoti choudhary,Updated: 22 Sep, 2026 12:53 PM

भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट में पहली बार कार खरीदने वाले ग्राहकों की मांग में तेजी देखने को मिल रही है। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में उनकी हिस्सेदारी 10% बढ़ने का अनुमान है। यह महामारी के बाद यह पहली बार है जब नए कार खरीदारों की संख्या में
नई दिल्लीः भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट में पहली बार कार खरीदने वाले ग्राहकों की मांग में तेजी देखने को मिल रही है। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में उनकी हिस्सेदारी 10% बढ़ने का अनुमान है। यह महामारी के बाद यह पहली बार है जब नए कार खरीदारों की संख्या में इतनी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
बाजार में इस बदलाव की एक प्रमुख वजह छोटी और एंट्री-लेवल कारों पर टैक्स में कमी को माना जा रहा है। सरकार ने पिछले साल GST व्यवस्था में बदलाव करते हुए चार मीटर से छोटी कारों पर टैक्स दर 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दी थी। इसके बाद कम कीमत वाली कारों की मांग में सुधार देखने को मिला है।
मारुति की बिक्री में पहली बार कार खरीदारों की हिस्सेदारी बढ़ी
मारुति सुजुकी के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से अगस्त के बीच कंपनी की कुल बिक्री में पहली बार कार खरीदने वाले ग्राहकों की हिस्सेदारी बढ़कर 54 फीसदी हो गई। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 42 फीसदी था।
कंपनी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर राहुल भारती के मुताबिक, GST में बदलाव से पहली बार कार खरीदने वालों की बाजार में वापसी को बढ़ावा मिला है। उनके अनुसार, इससे कार बाजार का दायरा बढ़ने के साथ देश में वाहन स्वामित्व के विस्तार को भी गति मिली है।
अप्रैल-अगस्त के दौरान पूरी ऑटो इंडस्ट्री की बिक्री में सालाना आधार पर करीब 28 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। इसके विपरीत, वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में इंडस्ट्री की बिक्री में 0.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। इसी अवधि में मारुति सुजुकी ने पहले पांच महीनों में करीब 36 फीसदी की वृद्धि दर्ज की।
छोटी कारों की बिक्री में जबरदस्त उछाल
GST में कटौती के बाद छोटी कारों की मांग में खासा सुधार आया है। अप्रैल-अगस्त के दौरान मारुति सुजुकी की ऑल्टो और एस-प्रेसो जैसी मिनी कारों की बिक्री 96 फीसदी बढ़कर 67,334 यूनिट हो गई।
इंडस्ट्री के आंकड़ों के अनुसार, 18 फीसदी GST वाली कारों की कुल बिक्री अप्रैल-अगस्त के दौरान करीब 29 फीसदी बढ़कर 12.4 लाख यूनिट तक पहुंच गई। इस श्रेणी में ऑल्टो, वैगनआर, टाटा पंच और महिंद्रा बोलेरो जैसे मॉडल शामिल हैं।
SUV की तरफ बढ़ रहा ग्राहकों का रुझान
हैचबैक के साथ कॉम्पैक्ट और सब-कॉम्पैक्ट SUV की मांग भी मजबूत हुई है। टाटा मोटर्स के मुताबिक, GST बदलाव के बाद SUV सेगमेंट में करीब 67 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई। Nexon और Punch की संयुक्त बिक्री में भी करीब 60 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
महिंद्रा एंड महिंद्रा ने भी Bolero Neo और XUV 3XO जैसी एंट्री-लेवल SUV के लिए पहली बार कार खरीदने वालों की मांग में वृद्धि दर्ज की है। अप्रैल-अगस्त के दौरान कंपनी के एंट्री यूटिलिटी व्हीकल्स की थोक बिक्री 19.8 फीसदी बढ़कर 1,06,699 यूनिट हो गई।
इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि GST में बदलाव के बाद एंट्री-लेवल कारों के साथ कॉम्पैक्ट SUV की मांग में भी सुधार हुआ है। पहली बार कार खरीदने वाले ग्राहक अब छोटी हैचबैक के साथ SUV विकल्पों की ओर भी तेजी से बढ़ रहे हैं।