Edited By jyoti choudhary,Updated: 13 Jul, 2026 10:52 AM

पश्चिम एशिया में संकट गहराने और ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की चेतावनी के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। जिसका असर एशियाई शेयर बाजारों के साथ-साथ भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 700 प्वाइंट्स...
बिजनेस डेस्कः पश्चिम एशिया में संकट गहराने और ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की चेतावनी के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। जिसका असर एशियाई शेयर बाजारों के साथ-साथ भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 700 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24000 तक आ गया।
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो आईटी सेक्टर में मामूली मजबूती देखने को मिली लेकिन ऑटो, मेटल, पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक शेयरों में जोरदार बिकवाली रही। निफ्टी प्राइवेट बैंक में आधे फीसदी से कुछ अधिक की गिरावट दर्ज हुई, जबकि अन्य प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स करीब 1% या उससे अधिक टूटे। दूसरी ओर, निफ्टी आईटी हल्की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।
निवेशकों के डूबे ₹1.83 लाख करोड़
बाजार में चौतरफा बिकवाली के चलते शुरुआती कारोबार में ही बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों के मार्केट कैपिटलाइजेशन में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इससे निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹1.83 लाख करोड़ की कमी आ गई।
एक कारोबारी दिन पहले, 10 जुलाई 2026 को बीएसई में सूचीबद्ध सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप ₹4,81,30,322.70 करोड़ था, जो 13 जुलाई 2026 को घटकर ₹4,79,47,242.67 करोड़ रह गया। यानी एक ही दिन में निवेशकों की कुल संपत्ति में लगभग ₹1.83 लाख करोड़ की गिरावट दर्ज की गई।