Edited By jyoti choudhary,Updated: 02 Jun, 2026 04:55 PM

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों के कारण भारत के ड्राई फ्रूट बाजार पर गहरा असर पड़ा है। ईरान और अफगानिस्तान से होने वाली पिस्ता, अंजीर, खजूर और दूसरे ड्राई फ्रूट्स की सप्लाई प्रभावित हुई है। इसके परिणामस्वरूप कीमतें तेजी से बढ़...
बिजनेस डेस्कः पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों के कारण भारत के ड्राई फ्रूट बाजार पर गहरा असर पड़ा है। ईरान और अफगानिस्तान से होने वाली पिस्ता, अंजीर, खजूर और दूसरे ड्राई फ्रूट्स की सप्लाई प्रभावित हुई है। इसके परिणामस्वरूप कीमतें तेजी से बढ़ रही है।
कारोबारियों का कहना है कि यदि यही हालात बने रहे तो त्योहारों के सीजन में ग्राहकों को ड्राई फ्रूट काफी महंगे दाम पर खरीदने पड़ सकते हैं। पिस्ता की कीमतों में 20 से 25 प्रतिशत और अंजीर की कीमतों में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। कुल मिलाकर कई प्रमुख ड्राई फ्रूट्स की कीमतें 10 से 25 प्रतिशत तक बढ़ चुकी हैं।
सप्लाई चेन की चुनौतियां
युद्ध के कारण शिपिंग, बीमा और फ्रेट चार्ज बढ़ गए हैं, जो माल पहले कुछ ही दिनों में पहुंच जाता था, अब उसे आने में कई गुना अधिक समय लग रहा है क्योंकि कई समुद्री रास्ते और बंदरगाह प्रभावित हैं
क्वालिटी पर खतरा
माल के लंबे समय तक रास्तों में फंसे रहने के कारण ड्राई फ्रूट्स की गुणवत्ता खराब होने का डर बना हुआ है, क्योंकि इन्हें विशेष स्टोरेज और तापमान की आवश्यकता होती है।
काजू और किशमिश में राहत
राहत की बात यह है कि काजू और किशमिश की कीमतों में फिलहाल बड़ी तेजी की संभावना नहीं है, क्योंकि भारत में इनका उत्पादन होता है और इनकी स्थिति फिलहाल संतुलित है।
विशेषज्ञों का मानना है कि असली चुनौती अगस्त-सितंबर से शुरू होने वाले त्योहारी सीजन (दिवाली) के दौरान आएगी। यदि तब तक सप्लाई सामान्य नहीं हुई, तो बढ़ती मांग के कारण कीमतें और भी बढ़ सकती हैं, जिससे मांग में 10 से 15 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है।
कारोबारियों के अनुसार, यदि तनाव आज समाप्त भी हो जाए, तो सप्लाई चेन को पूरी तरह सामान्य होने में 3 से 6 महीने का समय लग सकता है।