वैश्विक रुख, कच्चे तेल के दाम, वृहद आंकड़ों से तय होगी शेयर बाजारों की दिशा

Edited By jyoti choudhary,Updated: 03 Jul, 2022 01:24 PM

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स्थानीय शेयर बाजारों की दिशा इस सप्ताह घरेलू वृहद आर्थिक आंकड़ों, वैश्विक रुझान, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों के रुख से तय होगी। विश्लेषकों ने यह राय जताई है। विश्लेषकों का यह भी मानना है कि कंपनियों के तिमाही नतीजों का सीजन शुरू होने से...

बिजनेस डेस्कः स्थानीय शेयर बाजारों की दिशा इस सप्ताह घरेलू वृहद आर्थिक आंकड़ों, वैश्विक रुझान, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों के रुख से तय होगी। विश्लेषकों ने यह राय जताई है। विश्लेषकों का यह भी मानना है कि कंपनियों के तिमाही नतीजों का सीजन शुरू होने से पहले बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। उन्होंने कहा कि कमजोर वैश्विक रुख और तिमाही नतीजों से पहले बाजार की धारणा प्रभावित हुई है। 

स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट लि. के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा, ‘‘बाजार हर दिन निचले स्तर पर जाने के बाद उबर रहा है। वैश्विक बाजारों में कमजोरी, रुपये में गिरावट और घरेलू रिफाइनरियों के अप्रत्याशित लाभ पर कर जैसे कारकों से बाजार की धारणा प्रभावित हुई है।'' मीणा ने कहा, ‘‘विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) अब भी बिकवाली कर रहे हैं लेकिन उनकी बिक्री की रफ्तार कम हुई है। ऐसे में यदि वैश्विक बाजार स्थिर रहता है, तो बाजार में तेजड़िया गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।'' उन्होंने कहा कि कच्चे तेल के दाम, डॉलर सूचकांक और रुपए का उतार-चढ़ाव अन्य कारक हैं, जो आगे बाजार की दिशा तय करेंगे। 

रेलिगेयर ब्रोकिंग के उपाध्यक्ष-शोध अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘इस सप्ताह तिमाही नतीजों के सीजन की शुरुआत होगी। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) आठ जुलाई को अपने तिमाही नतीजों की घोषणा करेगी। बाजार भागीदारों की निगाह इसपर रहेगी।'' मिश्रा ने कहा कि इसके अलावा वैश्विक बाजारों का रुख, कच्चे तेल की कीमतों का उतार-चढ़ाव और रूस-यूक्रेन युद्ध के मोर्चे पर खबरें बाजार की दृष्टि से महत्वपूर्ण होंगी। वृहद आर्थिक आंकड़ों के मोर्चे पर मंगलवार को खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) के सेवा क्षेत्र के आंकड़े आएंगे, जो निश्चित रूप से कारोबारी धारणा को प्रभावित करेंगे। 

सैमको सिक्योरिटीज में इक्विटी शोध प्रमुख येशा शाह ने कहा, ‘‘इस सप्ताह भी बाजार में उतार-चढ़ाव रहेगा। वृहद आर्थिक मोर्चे पर निवेशकों की निगाह फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की बैठक के ब्योरे पर रहेगी। इसके अलावा वैश्विक बाजारों का रुख चीन के मुद्रास्फीति के आंकड़ों से प्रभावित होगा, जो इस सप्ताह आने हैं।'' साथ ही घरेलू मोर्चे पर तिमाही नतीजों का सीजन शुरू होने जा रहा है। ऐसे में शेयर विशेष गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 179.95 अंक या 0.34 प्रतिशत के लाभ में रहा। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी में 52.80 अंक या 0.33 प्रतिशत का उछाल आया। 

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के खुदरा शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा, ‘‘कई तरह की अड़चनों के बावजूद बाजार ने जुझारू क्षमता दिखाई है।'' उन्होंने कहा कि पिछले करीब 15 कारोबारी सत्रों से निफ्टी व्यापक दायरे में रहा है और इसमें उतार-चढ़ाव बढ़ा है। ‘‘आगे चलकर बाजार का रुख कमजोर रह सकता है, क्योंकि अब भी वैश्विक रुझान ही बाजार की दृष्टि से महत्वपूर्ण बने हुए हैं।'' 

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