आयातित तेलों के महंगा होने से देशी तेल-तिलहन कीमतों में सुधार

Edited By jyoti choudhary, Updated: 04 Jun, 2022 04:18 PM

improvement in domestic oil oilseeds prices due to costlier of imported oils

आयात किए जाने वाले सोयाबीन डीगम और पामोलीन तेलों के महंगा होने से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में सरसों, मूंगफली, सोयाबीन और बिनौला जैसे देशी तेलों की मांग बढ़ी है जिससे शुक्रवार के दाम के मुकाबले शनिवार को इनकी कीमतों में मामूली सुधार आया जबकि दूसरी ओर...

नई दिल्लीः आयात किए जाने वाले सोयाबीन डीगम और पामोलीन तेलों के महंगा होने से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में सरसों, मूंगफली, सोयाबीन और बिनौला जैसे देशी तेलों की मांग बढ़ी है जिससे शुक्रवार के दाम के मुकाबले शनिवार को इनकी कीमतों में मामूली सुधार आया जबकि दूसरी ओर सोयाबीन तेल तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल कीमतें पूर्वस्तर पर बनी रहीं। 

बाजार सूत्रों ने बताया कि विदेशों में खाद्यतेलों के भाव मजबूत बने हुए हैं। सीपीओ का आयात कर उसका प्रसंस्करण करना महंगा बैठता है। पामोलीन और सोयाबीन डीगम जैसे तेल के आयात में भी नुकसान है। एक तो इन तेलों के दाम महंगे हैं दूसरा आयात के मुकाबले स्थानीय बाजार में इन तेलों के भाव नीचे चल रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि इन दोनों तेलों के आयात में करीब पांच रुपए प्रति किग्रा का नुकसान है और इसी वजह से सरसों, मूंगफली और बिनौला जैसे देशी तेलों की मांग बढ़ी है। सूत्रों ने कहा कि आयातित तेलों के महंगा होने के कारण सरसों पर काफी दबाव हे और सरसों के रिफाइंड बनाकर आयातित तेलों की कमी को पूरा किया जा रहा है। 

मंडियों में सरसों की आवक भी कम होने लगी है और यह घटकर लगभग साढ़े तीन लाख बोरी रह गई है। यह स्थिति सरसों के लिए अच्छी नहीं है और बरसात के मौस्म में मांग बढ़ने के बाद सरसों की दिक्कत देखने को मिल सकती है। सूत्रों ने कहा कि सरकार को फुटकर विक्रेताओं के अधिकतम खुदरा मूल्य की निगरानी के लिए एक जांच दल का गठन करना चाहिये ताकि विभिन्न स्थानों पर इनके एमआरपी की निगरानी रखते हुए उचित कार्रवाई की जा सके। इस जांच दल को यह भी देखना होगा कि शुल्कों में छूट का फायदा आम उपभोक्ताओं तक पहुंच रहा है या नहीं। 

शनिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे
सरसों तिलहन - 7,440-7,490 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपए प्रति क्विंटल। मूंगफली - 6,765 - 6,900 रुपए प्रति क्विंटल। मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 16,020 रुपए प्रति क्विंटल। मूंगफली सॉल्वेंट रिफाइंड तेल 2,675 - 2,865 रुपए प्रति टिन। सरसों तेल दादरी- 15,100 रुपए प्रति क्विंटल। सरसों पक्की घानी- 2,370-2,450 रुपए प्रति टिन। सरसों कच्ची घानी- 2,410-2,515 रुपए प्रति टिन। तिल तेल मिल डिलिवरी - 17,000-18,500 रुपए प्रति क्विंटल। सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 16,200 रुपए प्रति क्विंटल। सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 15,700 रुपए प्रति क्विंटल। सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 14,710 रुपए प्रति क्विंटल। सीपीओ एक्स-कांडला- 14,400 रुपए प्रति क्विंटल। बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 15,000 रुपए प्रति क्विंटल। पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 15,860 रुपए प्रति क्विंटल। पामोलिन एक्स- कांडला- 14,700 रुपए (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल। सोयाबीन दाना - 6,750-6,850 रुपए प्रति क्विंटल। सोयाबीन लूज 6,450- 6,550 रुपए प्रति क्विंटल। मक्का खल (सरिस्का) 4,000 रुपए प्रति क्विंटल। 

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