Edited By jyoti choudhary,Updated: 18 Sep, 2026 04:28 PM

वित्त वर्ष 2026-27 में भारत के प्रत्यक्ष कर संग्रह (direct tax collections) में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आयकर विभाग के अनुसार, 1 अप्रैल से 17 सितंबर के बीच देश का नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन सालाना आधार पर 13% बढ़कर ₹12.1 लाख करोड़ पहुंच गया।
नई दिल्लीः सरकार का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह (direct tax collections) चालू वित्त वर्ष में 17 सितंबर तक 13 प्रतिशत बढ़कर 12.12 लाख करोड़ रुपए से अधिक रहा। अग्रिम कर संग्रह में वृद्धि से प्रत्यक्ष कर संग्रह बढ़ा है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के शुक्रवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली।
कॉरपोरेट कर संग्रह 19.48 प्रतिशत बढ़कर करीब 5.56 लाख करोड़ रुपए हो गया, जबकि गैर-कॉरपोरेट कर (व्यक्तिगत और हिंदू अविभाजित परिवार) का संग्रह छह प्रतिशत बढ़कर 6.16 लाख करोड़ रुपए से अधिक रहा। एक अप्रैल से 17 सितंबर के बीच प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) संग्रह 53 प्रतिशत बढ़कर 40,214 करोड़ रुपए हो गया।
सीबीडीटी के आंकड़ों के अनुसार, 17 सितंबर तक कर 'रिफंड' 29.19 प्रतिशत बढ़कर 2.20 लाख करोड़ रुपए से अधिक रहा। सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 15 प्रतिशत बढ़कर 14.32 लाख करोड़ रुपए से अधिक रहा। आंकड़ों के अनुसार 17 सितंबर तक अग्रिम कर संग्रह 16.18 प्रतिशत बढ़कर करीब 5.22 लाख करोड़ रुपए हो गया। इसमें अग्रिम कॉरपोरेट कर भुगतान 18 प्रतिशत बढ़कर 4.16 लाख करोड़ रुपए से अधिक और गैर-कॉरपोरेट अग्रिम कर भुगतान 9.24 प्रतिशत बढ़कर 1.06 लाख करोड़ रुपए रहा।