जेनेरिक दवाओं का शुरुआती असर पड़ा फीका, जून में पहली बार घटी मोटापा घटाने वाली दवाओं की बिक्री

Edited By Updated: 10 Jul, 2026 11:39 AM

initial impact of generic drugs muted sales of weight loss drugs declined

भारत में मोटापा कम करने वाली दवाओं (GLP-1) की बिक्री में जून महीने के दौरान पहली बार मासिक गिरावट दर्ज की गई है। नोवो नॉर्डिस्क की सेमाग्लूटाइड दवा का पेटेंट समाप्त होने के बाद बाजार में सस्ते जेनेरिक विकल्पों की बाढ़ आ गई थी, जिससे अप्रैल और मई में...

नई दिल्लीः भारत में मोटापा कम करने वाली दवाओं (GLP-1) की बिक्री में जून महीने के दौरान पहली बार मासिक गिरावट दर्ज की गई है। नोवो नॉर्डिस्क की सेमाग्लूटाइड दवा का पेटेंट समाप्त होने के बाद बाजार में सस्ते जेनेरिक विकल्पों की बाढ़ आ गई थी, जिससे अप्रैल और मई में बिक्री में तेज उछाल देखने को मिला। हालांकि, अब यह तेजी धीमी पड़ती नजर आ रही है।

हेल्थकेयर रिसर्च फर्म फार्मारैक की रिपोर्ट के अनुसार, जून में GLP-1 दवाओं की बिक्री घटकर 227 करोड़ रुपए रह गई, जबकि मई में यह 236 करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर थी। मार्च में सेमाग्लूटाइड का पेटेंट खत्म होने के बाद बाजार 180 करोड़ रुपए से बढ़कर अप्रैल में 218 करोड़ रुपए तक पहुंच गया था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि जेनेरिक दवाओं के आने से जो शुरुआती तेजी देखने को मिली थी, अब वह स्थिर होने लगी है और बाजार का विस्तार फिलहाल अपने संतुलित स्तर पर पहुंचता दिखाई दे रहा है।

जून में सबसे अधिक बिकने वाली मोटापा घटाने की दवा माउंजारो (टिर्जेपेटाइड) की बिक्री भी 136 करोड़ रुपए से घटकर 130 करोड़ रुपए रह गई। वहीं, सेमाग्लूटाइड आधारित दवाओं, जिनमें ओज़ेम्पिक, वेगोवी और उनके जेनेरिक संस्करण शामिल हैं, की बिक्री 93 करोड़ रुपए से घटकर 91 करोड़ रुपए दर्ज की गई।

हालांकि, सालाना आधार पर बाजार में जबरदस्त वृद्धि बनी हुई है। जून 2025 के मुकाबले जून 2026 में GLP-1 दवाओं की मासिक बिक्री लगभग तीन गुना बढ़ी है। वार्षिक कारोबार 2,055 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 238 प्रतिशत अधिक है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अब इस बाजार की आगे की वृद्धि केवल सस्ती दवाओं पर निर्भर नहीं रहेगी। इसके लिए अधिक मरीजों तक पहुंच, लंबी अवधि तक इलाज जारी रखने की प्रवृत्ति और डॉक्टरों का भरोसा बनाए रखना सबसे अहम कारक होंगे। वहीं, फार्मारैक ने भारतीय दवा बाजार की कुल वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर वर्ष 2026 के लिए 11.3 प्रतिशत कर दिया है।

Related Story

    Trending Topics

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!